DHANBAD धनबाद: धनबाद के टुंडी स्थित स्वरूप सरस्वती विद्या मंदिर में विद्या विकास समिति द्वारा आयोजित तीन दिवसीय 36वां प्रांतीय खेलकूद के समापन समारोह में शनिवार को राज्य के महामहिम संतोष कुमार गंगवार बतौर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। जहाँ उन्होंने अपने हाथों से इस खेलकूद समारोह में विजय रहे प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया। राष्ट्र गान से शुरू हुए आयोजन में स्कूल की छात्राओं ने गीत-संगीत से सभी को अपनी ओर खूब आकर्षित किया। वहीं राज्यपाल ने बच्चों को मोबाइल से दूरी और खेलकूद के प्रति रुचि बढ़ाने की सलाह दी।
वहीं महामहिम राज्यपाल संतोष गंगवार ने अपने भाषण के दौरान कहा कि प्रदेश की विभिन्न हिस्सों से आए बच्चों की खेल भावना, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ प्रतिस्पर्धा में देखना सुखद अनुभूति है। यह आयोजन बच्चों के शारिरिक विकास, मानसिक एवं नैतिक विकास की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है। उन्होंने कहा कि खेलकूद केवल पदक या पुरस्कार प्राप्त करने तक सीमित नही है, बल्कि यह हमें अनुशासन सिखाता है, हार को स्वीकार करना और जीत को विनम्रता के साथ स्वीकार करना भी सिखाता है। इससे सहयोग, नेतृत्व, समय प्रबंधन तथा दक्ष के प्रति समर्पण के गुण भी विकसित होते हैं, जो जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में उपयोगी सिद्ध होते हैं। बाल्य अवस्था में खेल के प्रति रुचि विकसित करना स्वस्थ, सशक्त और आत्मविश्वासी समाज के निर्माण की मजबूत आधारशिला है।
उन्होंने विद्या भारती द्वारा दूरदराज के ग्रामीण एवं वनवासी क्षेत्र में शिक्षा के लिए किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि खेल के ऐसे आयोजनों से प्रतिभावों को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए एक विशेष मंच का कार्य करती है। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी मार्गदर्शन में आज देश में खेलो को नई दिशा और ऊर्जा प्राप्त हो रही है। खेलो इंडिया जैसे माध्यमों से ग्रामों, कस्बों और दूरदराज क्षेत्रों की प्रतिभाओं को आगे लाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में हाल ही में घोषित राष्ट्रीय खेल नीति 2025 देश मे खेलों के समग्र विकास में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस नीति का उद्देश्य भारत की वैश्विक खेल महाशक्ति के रूप में पहचान कराना है।
उन्होंने कहा कि मुझे गर्व है कि झारखंड की धरती हमेशा से खेल प्रतिभाव से समृद्ध रही है। उन्होंने महेंद्र सिंह धोनी, दीपिका कुमारी, पूर्णिमा महतो और सलीमा टेटे का नाम लेते हुए कहा कि इन सभी खिलाड़ियों ने यह सिद्ध किया है कि प्रतिभा चाहे छोटे गाँव या कस्बे में ही क्यों न हो यदि उन्हें उचित अवसर मिले नऔर कठिन परिश्रम हो तो यह वैश्विक स्तर पर चमक सकती है। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि खेल के क्षेत्र में राज्य में अपार संभावनाएं और ये जीवन शैली का विभिन्न अंग भी है। उन्होंने कहा कि यहाँ की मिट्टी में संघर्ष, परिश्रम और समर्पण की भावना रची बसी है। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि विद्यालय स्तर से बच्चों को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करें।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि खेल के प्रति दुनिया की रुचि काफी बढ़ रही है और हमारा देश भी इस दिशा में काफी अच्छा काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह विद्यालय खास कर आदिवासी क्षेत्रों में काफी अच्छा काम कर रही है। उन्होंने कहा कि बच्चों को मोबाइल का इस्तेमाल ज्यादा नही करना चाहिए और ये बात अभिभावकों को भी समझ में आ रहा है। और यह परिवार जनों की यह जिम्मेदारी है कि छोटे बच्चों को मोबाइल फोन जितना हो सके दूर रखें।







