चाईबासा : विगत तीन महीनों से मणिपुर में जारी जातीय हिंसा और उपद्रवी भीड़ द्वारा जनजातीय महिलाओं को सरेआम नंगा कर सड़कों पर घुमाने एवं उनके साथ सामूहिक बलात्कार तथा दुर्व्यवहार की बेहद शर्मनाक घटना घटने के बावजूद केन्द्र सरकार द्वारा संसद में मणिपुर की घटना पर कोई चर्चा नहीं करने और हिंसा रोकने के लिए कोई कारगर कदम नहीं उठाने के विरोध में झामुमो, कांग्रेस और जदयू समेत टीम I.N.D.I.A. के घटक दलों ने संयुक्त रूप से जिला मुख्यालय चाईबासा में एकदिवसीय महाधरना दिया ।
कार्यक्रम का अध्यक्षता झामुमो के जिला उपाध्यक्ष सह केन्द्रीय सदस्य इकबाल अहमद ने तथा संचालन झामुमो के जिला उपाध्यक्ष सह केन्द्रीय सदस्य राहुल आदित्य ने किया । इस अवसर पर संबोधित करते हुए झामुमो जिला सचिव सोनाराम देवगम ने कहा कि केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनने के बाद से देश के विभिन्न हिस्सों में आदिवासियों, दलितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों और महिलाओं पर अत्याचार और हिंसा की घटनाएं बढ़ी हैं ।
गांधीवादी विचारधारा से चलने वाले देश को मनुवादी विचारधारा से चलाया जा रहा है । जाति और धर्म के आधार पर लोगों को बांट कर नफरत की राजनीति की जा रही है । मणिपुर की घटना इसी विकृत सोच का नतीजा है । मणिपुर की घटना ने पूरे देश को कलंकित करने का काम किया है उसके बावजूद केन्द्र सरकार का संसद में चर्चा नहीं करना तथा हिंसा रोकने के लिए कोई कारगर कदम नहीं उठाना काफी निंदनीय है ।
देश में आदिवासियों, दलितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और महिलाओं के सम्मान की रक्षा के लिए देश में भाजपा की केन्द्र सरकार और राज्य सरकारों को उखाड़ फेंकना जरुरी है । कांग्रेस जिला अध्यक्ष चन्द्र शेखर दास ने कहा कि जो सरकार जातीय हिंसा की आग को रोक नहीं सकती, महिलाओं के सम्मान की रक्षा नहीं कर सकती, उसे सत्ता में बने रहने का कोई हक नहीं है । उस निकम्मी सरकार को अविलंब बर्खास्त कर देना चाहिए ।







