DHANBAD: झरिया कोयलांचल चारो ओर कोलयरियों से घिरा है, कोयला उत्खनन होने के कारण यहां का वातावरण प्रदूषित है, पेड़ो की संख्या भी काफी कम है इसका असर कलाईमेंट पर साफ दिखता है। सालो भर गर्मी पड़ती है गर्मी के मौसम में तो जिला मुहाल हो जाता है, साथ ही उड़ने वाले धूल – कण से लोग दम्मा सहित सांस की अन्य बीमारियों से जूझ रहे है। कुछ पर्यावरणविद हैं जो पेड़ लगाने को लेकर लोगो को जागरूक कर रहे है। वही झरिया के बोडरागढ़ ओपी क्षेत्र अंतर्गत संचालित दर्जनों ईंट भट्ठा संचालक बड़े – बड़े पेड़ को बेरहमी से धीर धीरे उखड़ रहे है। बोडरागढ़ ओपी क्षेत्र के बीसीसीएल मैगजीन घर के समीप वर्षो पूर्व हजारों पेड़ लगाया गए थे। जिसे वहीं के रहने झगरू सिंह बड़े पैमाने पर बंगला ईंट भट्ठा लगाता है। उसके लिए मिट्टी पेड़ के जड़ से काट लेता है मिट्टी काट लेने से पेड़ छत्रीनुमा बन जाती है और फिर पेड़ गिर जाती है। पेड़ गिरने से जगह भी मिल जाता है। और ईंट तो बेचता ही है बड़े बड़े – पेड़ को भी बेच देता है। प्रतिवर्ष सैकड़ो पेड़ की बलि दे देता है। इसी तरह पूरे क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक लोग अवैध ईंट भट्ठा का संचालन हो रहा है। इसे लेकर जब डिस्टिक फॉरेस्ट ऑफिसर विकाश पालीवाल ने बताया की मामला संज्ञान में आया है, जमीन से संबंधित जानकारी बीसीसीएल से लेने के बाद कार्यवाई की जायेगी।

बोडरागढ़ ओपी क्षेत्र में करीब 50 अवैध रूप से बंगला ईंट भट्ठा संचालन एक दर्जन से अधिक लोगो के द्वारा किया जा रहा है। अनियमित रूप से पेड़ो की कटाई कर रहे है, भट्ठों के आस पास के तालाबों के पानी का मोटर लगाकर दोहन किया जा रहा है। जेसीबी से मिट्टी की कटाई कर समतल जमीन को।खराब किया जा रह है। चोरी के कोयला का भंडारण कर भट्ठा भट्ठा लगाया जा रहा है। लेकिन पुलिस पदाधिकारी या प्रशासनिक अधिकारी की नजर इन सब पर पड़ती है। और बेरहमी से पेड़ो की कटाई करने वाला तालाबों की पानी का दोहन करने वाला बेखौफ है। कुछ भट्ठे संचालक तो कहते है हमारा ऊपर से नीचे तक सेटिंग है कुछ नही होगा।








