DHANBAD : धनबाद के झरिया मातृसदन अस्पताल में गर्भवती महिला चंद्रावती देवी सहित नवजात की मौत पर परिजनों का गुस्सा फुट पड़ा। अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ने जमकर हंगामा और तोड़ फोड़ करने लागे जिसे देख अस्पताल से डॉक्टर और कर्मचारी फरार हो गए, इधर अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों में भी अफरा तफरी मच गई। सूचना पर झरिया थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और काफी देर तक समझा बुझा कर आक्रोशित लोगों को सांत कराया गया साथ ही अस्पताल प्रबंधन के द्वारा परिजन को 4 लाख मुआवजा देने पर सहमति बनी।

जामाडोबा जीतपुर निवासी मोहन तिवारी ने बताया की पत्नी चंद्रावती देवी को शुक्रवार की रात को पेट में दर्द की शिकायत के बाद मातृसदन अस्पताल में लाए जिसके बाद डॉक्टर कृष्ण अग्रवाल की सलाह पर भर्ती करवाए, जहां अल्ट्रासाउंड करवाने पर पता चला पेट में बच्चा की मौत हो गई है। तब निर्मल या सीजर से बच्चे को निकालने की बात कही है, और दवा दिया गया, दवा देने से पहले ठीक थी बातचीत भी की थी, लेकिन थोड़ी देर बाद ही मौत हो गई। कहा की दवा खाने के बाद पत्नी की तबियत बिगड़ने लगी और मौत हुई है।








