DHANBAD : धनबाद पुलिस – प्रशासन द्वारा खनिज संपदा की सुरक्षा के लाख दावे के बावजूद अवैध कोयला कारोबार बेधड़क चल रहा है इसका खुलासा रांची की विशेष शाखा ने भी किया है। जिले के निरसा में खुलेआम – दिनदहाड़े अवैध कोयला का कारोबार बड़े पैमाने पर चल रहा है।…. कोयला चोरी कर पहले भट्ठों में रखा जाता है फिर ट्रको के मध्यम से बाहर भेजा जाता है।… सूत्रो की माने तो….. निरसा के सक्षम उधोग, जय मां काली भट्ठा, दास इंटरप्राइजेज, और निरसा रीफैक्ट्री…. में दिन रात बाइक, साइकिल और छोटे वाहनों से बड़े पैमाने पर अवैध रूप से कोयला लाया जाता है…. फिर दिन हो या रात बेधड़क ट्राको के माध्यम से कोयला लोड कर डिस्को या नकली पेपर लगाकर बाहर भेजा जाता है। इन चारो भट्ठों से अनुमानत: 100 ट्रक कोयले का खेल प्रतिदिन हो रहा।
सूत्र की माने तो इस अवैध कोयला के कारोबार के सिंडीकेट में मुख्य रूप से…… विजय, संजय, रामाशंकर, हेमंत, उज्जवल और एक जाने माने पुर्व मुखिया है।….. ये लोग अवैध कोयला कारोबार में खूब धूम मचा रहे है।…. अब पूरा विस्तार से बताते है की किन भट्ठों में कहां से अवैध कोयला पंहुचता है, और इसका संचालक कौन है….. मुगमा के सक्षम में कपासारा ओसीपी से अवैध कोयला पंहुचता है इसका संचालन विजय – संजय नामक व्यक्ति करता है।…
जबकि मां काली, जो सुगियाडीह में है इसका संचालन रामाशंकर नामक व्यक्ति के द्वारा किया जाता है… यहां संगमहल जंगल से अवैध माइनिंग कर कोयला पंहुचता है। …. वहीं कांटाबानी के दास भट्ठा का संचालक विजय और संजय नामक व्यक्ति के द्वारा किया जा रहा है, यहां चापापुर ओसीपी से अवैध रूप से कोयला ढुलाई कर लाया जाता है।…. तो रीफैक्ट्री, उज्जवल और हेमंत के नाम से चलता है। यहां पास के राजा कोलियरी ओसीपी और गोपीनाथपुर कोलियरी ओसीपी से अवैध रूप से कोयला आता है। साथ ही फटका कलोनी और नॉर्थ लायकडीह में चल रहे अवैध माइंस से भी कोयला पंहुचता है।
देश की बहुमूल्य सम्मप्ति और राज्य सरकार के टेक्स चोरी की चिंता आस – पास के लोगो को होती है लेकिन…… किसी की क्या मजाल की इनके खिलाफ आवाज उठा दें, इनके डर से कोई कहीं शिकायत भी नही करता…. और करे भी तो किसे क्योंकि पुलिस या किसी प्रशासन के अधिकारी को शिकायत होते ही कोयला माफिया को शिकायत कर्ता में बारे में पता चल जाता है जिसपर माफिया के लोग टूट पड़ते है।…..वही पुलिस अधिकारी, प्रशासन के अधिकारी, बीसीसीएल के अधिकारी हो या ईसीएल के अधिकारी सभी अवैध कोयला कारोबार पर रोक की बात करते है लेकिन उनके नाक के नीचे से ही कोयला का अवैध कारोबार बेधक चल रहा है…..तो जिम्मेदारों पर सवाल तो उठेगा ही।







