DHANBAD : मार्क्सवादी सामान्य समिति का अस्तित्व अब समाप्त नहीं होगा पार्टी को फिर से स्थापित करने के लिए पुराने नेताओं ने एक मंच पर आकर पहल शुरू कर दी है। इसे लेकर पुराने नेताओं ने धनबाद गांधी सेवा सदन में प्रेस वार्ता दी है। गणेश महतो और दिल मोहम्मद ने बताया कि पार्टी के बड़े नेताओ ने अपने स्वार्थ के लिए, जीत की लालसा को लेकर मासस पार्टी का बीते 9 सितंबर को भाकपा माले में विलय कर दिया। जबकि मासस का स्थापना राजनीति के संत कहे जाने वाले ऐ के. राय द्वारा किया गया था। उन्होंने मजदूरों, किसानों पर हो रहे शोषण के विरोध में न्यायन दिलाने के लिए मार्क्सवादी सामान्य समिति, पार्टी की स्थापना की थी। राय दा धनबाद में सांसद और विधायक रहे उन्होंने पार्टी को खून और पसीने से सींचा था। यह पार्टी नहीं उनका विचार था जिसे खत्म किया गया। वे रिटायरमेंट के बाद भी पेंशन नहीं लिए। साथ ही कहा की उनके द्वारा स्थापित की गई पार्टी को दूसरे पार्टी में विलय किया गया, लेकिन हमलोग उनके विचारधाराओं को फिर से स्थापित करने के लिए पार्टी का फिर से रजिस्ट्रेशन करवाएंगे और चुनाव आयोग का जो भी गाइडलाइन होगा उसके अनुसार पार्टी बनाएंगे। कहा कि धनबाद, बोकारो, गिरिडीह, हजारीबाग सहित कई जगह के पार्टी के पुराने नेता यही चाह रहे हैं। इसके लिए गणेश महतो को पार्टी का संरक्षक बनाया गया है। इस दौरान मासस के कई नेता उपस्थित थे।







