DHANBAD: बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिन्दुओं की सुरक्षा के लिए कानूनी रूप से आंदोलन करने वाले इस्कॉन के स्वामी चिन्मय कृष्णदास ब्रह्मचारी को देशद्रोह के आरोप में अन्यायपूर्ण तरीके से गिरफ्तार करने और हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ भारत के हिंदुओं में आक्रोश है। चिन्मय कृष्णदास ब्रह्मचारी की रिहाई और हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ हिंदू राष्ट्र समन्वय समिति की ओर से धनबाद के रणधीर वर्मा चौक पर धरना प्रदर्शन किया गया। जिसमें मुख्य रूप से धनबाद विधायक राज सिन्हा, तरुण हिन्दू के संस्थापक डॉ. नील माधव दास, इस्कॉन धनबाद से दामोदर प्रभु, विश्व हिन्दू परिषद से श्री सुनील कुमार, हिन्दू जनजागृति समिति से श्री शम्भू गवारे और हिन्दू राष्ट्र समन्वय समिति धनबाद के संयोजक डॉ. निशांत दास उपस्थित थे।
जिन्होंने कहा कि यह गिरफ्तारी अल्पसंख्यक हिन्दुओं के अधिकारों को दबाने का एक और प्रयास है, जिसकी हम तीव्र शब्दों में निंदा करते हैं। हिंदू राष्ट्र समन्वय समिति ने मांग की है कि भारत सरकार तुरंत हस्तक्षेप कर स्वामी चिन्मय कृष्णदास ब्रह्मचारी की बिना शर्त रिहाई सुनिश्चित करे और बांग्लादेश सरकार को अल्पसंख्यक हिन्दुओं की सुरक्षा के लिए बाध्य करे। जैसे भारत सरकार ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के माध्यम से बांग्लादेश के पीड़ित अल्पसंख्यक हिंदुओं को भारत की नागरिकता प्रदान करने का एक सराहनीय कदम उठाया है, वैसे ही बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचार भारत के लिए केवल एक पड़ोसी देश का मुद्दा नहीं, बल्कि हिंदुओं के अस्तित्व, मानवाधिकार और धार्मिक स्वतंत्रता का संवेदनशील विषय है। यदि इन अत्याचारों को नहीं रोका गया, तो इसका असर भारत पर भी पड़ेगा। इसलिए हिंदू राष्ट्र समन्वय समिति ने भारत सरकार से कड़े कदम उठाने और निर्णायक भूमिका निभाने की अपेक्षा व्यक्त की है।







