
DHANBAD: धनबाद के पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह हत्याकांड में आरोपी बनाए गए पूर्व विधायक संजीव सिंह समेत सभी 11 लोगों को धनबाद सिविल कोर्ट ने बारी कर दिया है। संजीव सिंह 8 साल 5 महीने से अधिक जेल में रहे। संजीव सिंह की तबियत खराब होने के कारण उन्हें एंबुलेंस से कोर्ट लाया गया और स्ट्रक्चर पर कोर्ट में पेश हुए बाकी चार आरोपी ऑनलाइन पेश हुए, 6 आरोपी भी सशरीर उपस्थित हुए एक आरोपी अमन सिंह की जेल में हत्या हो चुकी है। पूर्व विधायक संजीव सिंह की रिहाई से सिंह मेंशन समर्थक और भाजपा समर्थकों खुशी की लहर देखी गई लोग एक दूसरे को बधाई देते दिखे। संजीव सिंह की पत्नी रागिनी सिंह समेत पूरा परिवार खुश है। पत्नी रागिनी सिंह, माता किंतु देवी सभी ने कहा भगवान और न्यायालय पर भरोसा था हमे न्याय मिला, सजीव सिंह को षड्यंत्र के तहत फंसाया गया था।

वही नीरज सिंह के भाई अभिषेक सिंह ने कहा कि हम फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट जायेंगे। इस फैसले पर पूरे धनबाद की नजर थी। इधर प्रशासन की और से सुरक्षा के पुख्ता इंतज किए गए थे कोर्ट कैंपस को पुलिस छावनी में तब्दील किया गया था खुद SSP ने कोर्ट कैंपस का निरीक्षण किया, ग्रामीण एसपी सीटी एसपी समेत कई डीएसपी एसडीएम भी तैनात रहे। चहलकदमी कर रहे कुछ लोगों को पकड़कर धनबाद थाना में ले जाया गया। बता दे कि 21 मार्च 2017 को सरायढेला थाना क्षेत्र के स्टील गेट के शामिल नीरज सिंह, अशोक यादव और दो अंगरक्षक को गोलियों से भून कर हत्या कर दी गई था।






