Dhanbad: झरिया में व्याप्त जानलेवा वायु प्रदूषण के खिलाफ शनिवार को शुरू हुआ सत्याग्रह रविवार को भी जारी रहा । सर्दी के मौसम के बाबजूद पूरी रात आंदोलनकारी धरना स्थल पर डटे रहे । धरना स्थल पर ही हस्ताक्षर अभियान भी जारी रहा जिस पर वहाँ से गुजरने वाले युवा, वृद्व, महिला, टेम्पू चालक, रिक्शा चालक सहित 1800 लोगो ने हस्ताक्षर कर सत्याग्रह का नैतिक समर्थन कर रहे थे । आंदोलन के दूसरे दिन बड़ी संख्या में झरिया के गण्यमान्य लोग उपस्थित हुए । अंत मे झरिया के वायु प्रदूषण के विरुद्ध जाती धर्म एवं दलगत भावना से ऊपर उठ कर इस लड़ाई को जारी रखने का शपथ के साथ सत्याग्रह को 24 घंटे पूरे होने पर स्थगित किया ।
आंदोलन पर पहुंचे दामोदर बचाओ आंदोलन के संयोजक पर्यावरणविद अरुण रॉय ने कहा कि दामोदर को प्रदूषित करने में भी बीसीसीएल का हाथ है । दामोदर भी सबसे प्रदूषित नदी थी बड़ी संघर्ष से प्रदूषण मुक्त किया गया । उन्होंने कहा कि एक संयुक्त प्रदूषण संघर्ष समिति बनाने की आवश्यकता है। अरुण राय ने कहा कि प्रदूषण सिर्फ झरिया की नही बल्कि पूरे धनबाद की समस्या है ।अतः हमें एक मंच पर आ कर लड़ाई लड़नी होगी ।
कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रागिनी सिंह उपस्थित हुई । झरिया के नागरिकों ने रागिनी सिंह के समक्ष अपनी समस्याओं को रखते हुए कहा कि झरिया का अभिभावक घराना यदि पहल करें तो वायु प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सकता है ।रागिनी सिंह ने कहा कि झरिया के प्रदूषण के लिए हम सभी दोषी हैं । इस कार्य मे हमें झरिया के नागरिकों का साथ चाहिए । यह सच है कि हमारे परिवार में ताकत है किंतु सभी लोग सूर्यदेव सिंह नही हो सकते । मैं झरिया में व्याप्त वायु प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई को आगे बढ़ाऊंगी । उन्होंने कहा कि ऐसा ही विरोध प्रदर्शन कोयला भवन के समक्ष होना चाहिए ताकि बीसीसीएल की तंद्रा को तोड़ा जा सके ।
झरिया विधायक पूर्णिमा सिंह के प्रतिनिधि के डी पांडेय ने कहा कि बीसीसीएल मानक के विरुद्ध कार्य कर रही है । जहाँ कल्याणकारी कार्य करना चाहिए उसके विरुद्ध बीसीसीएल खनन का मालवा गिराकर नदी नालों को भरने में लगी हुई है । यह सत्य है कि झरिया में वायु प्रदूषण चरम पर है जिससे लोग बड़ी बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं । प्रदूषण के विरुद्ध नागरिकों को एकजुट होना होगा ।
मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष राजकुमार अग्रवाल ने कहा कि डी एम एफ टी फण्ड को पर्यावरण संरक्षण पर खर्च करना चाहिए । इस लड़ाई को दलगत भावना से ऊपर उठ कर लड़ना होगा । सत्याग्रह आंदोलन में डॉ मनोज सिंह, अखलाक अहमद,उमाचरण रजवार, श्रीकांत अम्बष्ठ के डी पांडेय, हरीश जोशी, राजकुमार अग्रवाल, गोपाल अग्रवाल, डॉ ओ पी अग्रवाल, शिवचरण शर्मा, श्रीकांत अम्बष्ठ, अनिल जैन,बलदेव पाण्डेय, उमा भट्टाचार्या,शिवबालक पासवान,अशोक वर्णवाल समेत सैकड़ों लोग उपस्थित थे।







