Dhanbad : नारायणी चेरिटेबल ट्रस्ट द्वारा संचालित जगजीवन नगर स्थित दिव्यांग बच्चों की स्कूल पहला कदम में मंगलवार को मारवाड़ी महिला सम्मेलन की राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरा बथवाल तथा पहला कदम स्कूल की अध्यक्ष रेनू दुदानी पंहुची। नीरा बथवाल ने पहला कदम स्कूल का दिव्यांगता के क्षेत्र में प्रयास देख चकित थी कहा यह मानवता का एक अदभुत मन्दिर है जहां मानवता की सेवा निःस्वार्थ की जा रही है,ऐसा मंदिर जिसका सभी को दर्शन करना चाहिए। पहला कदम स्कूल देखी दिव्यांगता एवं दिव्यांग बच्चो के बारे में गहराई से जाना तथा समझा। स्कूल के टेक्निकल सेटअप को देख, स्कुल की साफ सफाई को देख काफ़ी प्रभावित हुई।

इस दौरान कहा कि स्वस्थ रहने के लिए स्वच्छता जरूरी है जो पहला कदम स्कूल इस दिशा में बखूबी निभा रहा है। उन्होंने देखा कि स्कूल में एक ही छत के नीचे भव्यता एवं सक्रियता के साथ वोकेशनल थेरैपी स्पीच थेरैपी, ऑक्यूपेशनल थेरैपी फिजियो थेरैपी, स्पीच थेरैपी तथा सेंसरी थेरैपी और भव्य ,रिहैबिलिटेशन सेंटर और मेडिकल क्लीनिक संचालित हो रहा है जिससे दिव्यांग बच्चे एक ही छत के नीचे सभी सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं । सभी फील्ड के स्पेशलिस्ट के द्वारा दी जाने वाली सभी थेरैपी को देख नीरा बथवाल ने आगे कहा कि यह मंदिर है जहाँ शिक्षण के साथ प्रशिक्षण प्राप्त कर 18 वर्ष के ऊपर उम्र के बच्चे को रोजगार के अवसर प्राप्त करा दिव्य ज्योति जनरल स्टोर का प्रारंभ दिव्यांग बच्चों के साथ उनके परिवार को भी समाज मे सर उठा ससम्मान जीने की राह दिखाता है। यह किसी यज्ञ से कम नही है।साथ ही नीरा बथवाल ने दिव्यांग बच्चों के थेरैपी हेतु 25 रेक्सीन बेड प्रदान किया। इसके लिए पहला कदम परिवार उनके इस सहयोग के लिए आभार प्रकट किया। पहला कदम स्कूल की प्रेसिडेंट रेनू दुदानी,सचिव अनिता अग्रवाल ने नीरा बथवाल को मोमेंटो तथा दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मानित किया। नीरा बथवाल ने पहला कदम स्कूल के दिव्यांग बच्चों के हित में होने वाले कार्यो को देख अपने मारवाड़ी महिला राष्ट्रीय सम्मेलन के बैनर के तले सम्मानित करने का आमंत्रण दिया और भावुक होते हुए कहा कि समाज के हर वर्ग के लोगो को पहला कदम स्कूल में दिव्यांग बच्चों की सहायता हेतु जरूर जाना चाहिए एवं सहयोग करना चाहिए।उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में भी उनका तथा राष्ट्रीय मारवाड़ी सम्मेलन का सहयोग सदैव प्रप्त रहेगा तथा उन्होंने समाज के सभी वर्ग तथा मारवाड़ी महिला समितियों से आह्वान किया कि वे इन बच्चो के हित मे आगे आये और स्कूल से जुड़े।







