DHANBAD/ BOKARO : गुरुद्वारा साहिब में 13 अप्रैल शनिवार को 325 वें खालसा सृजन दिवस ( बैशाखी पर्व) पूरे देश में धूमधाम से मनाई गई। वही धनबाद के बैंक मोड़ स्थित बड़ा गुरुद्वारा, जोड़ाफाटक रोड गुरुद्वारा सहित अन्य गुरुद्वारों में तो बोकारो के कटहरा, गोमियां, जरीडीह बाजार,संडे बाजार,करगली, फुसरो चंद्रपुरा, जरंगडीह सहित दर्जनों गुरुद्वारा शिख समुदाय के लोग सैकड़ों की संख्या में पहुंचकर वैशाखी पर्व में शामिल हुए और एक दूसरे को बधाई दी। साथ ही सबद कीर्तन में भाग लिए और लंगर भी चखे

वही बोकारो के बेरमो के कार्यक्रम में रानीगंज से आए भजन मण्डली के गुरदीप सिंह ने कहा कि वैशाखी पर्व गुरुजी ने खालसाओं में अलौकिक शक्ति संचार कर उनको उपदेश दिया कि ख़ालसा में ऊंच नीच कोई नहीं, सब एक स्वरूप हैं। खालसा का पहला धर्म है कि देश मानव जाति की रक्षा के लिए तन-मन-धन सब कुछ न्यौछावर कर निर्धनों,अनाथों तथा असहायों की रक्षा के लिए सदा आगे रहना। श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने खालसा पंथ का सृजन करके लोगों में यह विश्वास उत्पन्न किए।







