DHANBAD: झरिया देश का सबसे प्रदूषित शहर में एक है। यहां कोयले का माइंस होने के कारण पेड़ कम हो गया, जमीन के नीचे पानी भी नही है। कुछ समाजसेवी पर्यावरण संरक्षण को लेकर काम भी कर रहे हैं लेकिन खरिया के बोडरागढ़ में दर्जनों बंगला ईट के भट्ठे है को सारे नियम को तक पर रखे भट्ठे का संचालन किया जा रहा पूरे बेरहमी से तालाबों के पानी का दोहन कर लिया गया, उक्त स्थल से कई पेड़ उखड़ लिया गया, मिट्टी काट कर जमीन की संरचना को खराब किया जा रहा है। यही नहीं ईंट भट्ठा लगाने के लिए अवैध रूप से कोयला का भी भंडारण किया जाता है।

आज हम बात करते है बोडरागढ़ ओपी क्षेत्र के होरलाडीह रेलवे फाटक पार स्थित बंगला ईंट भट्ठा का, ये ईंट भट्ठा में बड़े पैमाने पर संचालित हो रहा है जो उपेन्द्र पासवान नामक वेक्ती का बताया जाता है। उसके समीप चार से पांच बड़े और छोटे तालाब हैं ईंट बनाने के लिए मिट्टी गिला किया जाता है जिसके लिए ये उन तालाबों से मोटर के द्वारा पानी का दोहन कर रहा। पिछले तीन महीने से इतने पानी का दोहन कर लिया गया की सारे तालाब सुख गए। यहां तक की अंतिम संस्कार के लिए लिए भी एक बड़ा तालाब है उसे भी सुखा दिया गया है। तो अब पानी के लिए माडा का सफलाई पानी का मेन पाइप को झटिग्रस्त कर दिया गया है जानकी झरिया कोयलांचल में गर्मी में पानी की घोर समस्या हो जाती है। वही ईंट पकाने के लिए अवैध रूप से कोयले का भी भंडारण किया जाता है। यही नहीं जिस जगह पर भट्ठे लगाए गए है या मिट्टी की खुदाई की जाती है, कई पेड़ तक को काट दिया गया है जबकि जमीन भी सरकारी या बीसीसीएल की है।

इसे लेकर जब बोडरागढ़ ओपी प्रभारी अजीत कुमार ने कहा की मामला संज्ञान में आया है तो इसपर जांच पड़ताल कर कार्रवाई की जाएगी। लेकिन बंगला ईंट भट्ठा में सबकुछ अवैध रूप से किया जा रहा है इसमें प्रशासन की मिलीभगत से इंकार नहीं किया जा सकता है। अब देखना है जिम्मेदार अधिकारी कब इसपर कार्रवाई करते है। जिससे पर्यावरण पर्यावरण संरक्षित हो सके।







