DHANBAD : कोयलांचल में चैती दुर्गा पूजा धूमधाम से मनाई जा रही है।विभिन्न स्थानों में माता दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर पूजा की जा रही है। मंदिरों में पूरी परंपरा और विधि विधान से पूजा अर्चना की जाती है। जिले के बाघमारा के बरोरा अंतर्गत झगराही गाँव मे ब्राह्मण परिवार पूरे 300 साल से चैती दुर्गापूजा मानते आ रहे है। यहां वैष्णवी विधि विधान से बंगला पत्रिका के अनुसार पाँच दिवसीय पूजा का आयोजन किया जाता है।पूजा का खर्च ब्राह्मण परिवार खुद से करते है।कही से कोई चंदा नही लिया जाता है।

नवमी के दिन विशेष मंदिर परिसर में विशेष हवन पूजा किया जाता है।सभी ब्राह्मण परिवार परम्परागत तरीके से हवन में शामिल होते है।मंत्रोच्चार की गूंज से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो जाता है। मान्यता के अनुसार मंदिर के अंदर नवमी पूजा तक केवल पुरुष प्रवेश करते है।महिला श्रद्धालु मंदिर के अंदर दशमी के दिन प्रवेश करते है।नवमी और दशमी के दिन मंदिर परिसर में मेला भी लगता है।जहां आस पास के साथ दूर दराज से लोग घूमने पहुँचते है।

इस मंदिर के प्रति लोगो मे बड़ी आस्था है।मंदिर आम से लेकर खास पँहुच माता का आशीर्वाद लेने पँहुचते है।नवमी पूजन के दिन धनबाद भाजपा प्रत्याशी ढुलू महतो मंदिर पँहुच आशीर्वाद प्राप्त किया और कहा की यहां सालो से पूजा होते आ रही है लोगो की काफी आस्था है मां की कृपा से इस बार भी नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनेंगे ।वही गिरिडीह लोकसभा प्रत्याशी मथुरा महतो भी महाअष्टमी के दिन आशीर्वाद लेने पँहुचे थे।

वही झगराही गाँव की 35 साल पहले शादी हुई महिला पूनम पांडेय ने कहा कि गाँव के दुर्गापूजा में हर साल शामिल होती है।गाँव की अन्य बेटियां भी अपने मायके पूजा में जरूर आती है।गाँव के पुरूष कही अगर नोकरी करते है तो वह भी पूजा में जरूर शामिल होते है। वही गाँव के स्थानीय ब्राह्मण परिवार सदस्य ने कहा कि 300 साल पहले पूर्वजो ने पूजा प्रारंभ किया था।उस परंपरा को हम सभी निभा रहे है।पूजा पूरे विधि विधान से किया जाता है।पूरा खर्च सभी ब्राह्मण परिवार मिल कर उठाते है।







