PATNA : आज 7 मई को लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण में देश भर में 93 सिटी पर मतदान हो रहा है जबकि बिहार में 5 सीटों के लिए लोकसभा के लिए वोट डाले जा रहे है। बिहार में मुख्य रूप से मधेपुरा, सुपौल, खगड़िया,अररिया, झंझारपुर है। यहां सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक वोट डाले जाएंगे। कुल 54 प्रत्याशी इस बार अपनी किस्मत आजमा रहे है।
हिंदू और मुस्लिम गुट की गोलबंदी ही तय करती है यहां हार और जीत

तीसरे चरण की बात करे तो अररिया में मुकाबला मुख्य रूप से राजद के शहनवाज आलम और भाजपा के वर्तमान सांसद प्रदीप कुमार सिंह से है। इस सीट पर देखा जाए तो यहां पर हिंदू और मुस्लिम मतदाताओं की गोलबंदी ही जीत हार का आधार तैयार करती है।
मधेपुरा में मोदी फैक्टर और लालू फैक्टर की टक्कर

एक समय कहावत थी की रोम है पोप का और मधेपुरा हैं गोप का… लेकिन बदलते दौर में यहां की राजनीति बदली है, यही कारण है कि पप्पू यादव ने मधेपुरा से चुनाव लड़ने का लालू यादव का ऑफर ठुकरा दिया और पूर्णिया से निर्दलीय चुनाव लड़ना ही मुनासिब समझा। अब यहां मुख्य मुकाबला जदयू के प्रत्याशी दिनेश चंद्र यादव का मुकाबला राजद के प्रोफेसर कुमार चंद्रदीप से है। यहां मुख्य मुकाबला मोदी फैक्टर वर्सेज लालू फैक्टर के बीच माना जा रहा है। अब देखना है की इसमें कौन बाजी जीतता है।
सुपौल में पिछड़ा और दलित का सियासी संघर्ष

वहीं, सुपौल की बात करे तो यहां मुख्य मुकाबला राजद के उम्मीदवार चंद्रहास चौपाल (दलित) जो चुनावी मैदान में दम दिखा रहे हैं, जो सुपौल की सिंहेश्वर विधानसभा सीट से राजद के विधायक भी हैं। दूसरी ओर जदयू ने अपने वर्तमान सांसद दिलेश्वर कामत (ओबीसी) पर फिर दांव लगाया है। खास बात यह है कि यह सीट अनारक्षित है, लेकिन मुकाबला दलित और ओबीसी का हो गया है. सुपौल में ओबीसी-ईबीसी वोटर्स पर दोनों ही गठबंधन की नजर है और इसे साधने में कौन आगे निकलता है देखने वाली बात होगी।
झंझारपुर लोकसभा सीट पर महागठबंधन की ओर से मुकेश सहनी की पार्टी ने बीजेपी के पूर्व एमएलसी सुमन महासेठ को टिकट दिया है। वही राजद नेता गुलाब यादव भी पार्टी से खफा होकर बसपा के टिकट पर मैदान में उतर गए हैं। जबकि, एनडीए की ओर से वर्तमान जेडीयू सांसद रामप्रीत मंडल चुनावी मैदान में हैं. इस सीट पर मुकाबला त्रिकोणीय बन गया है।
बता दें कि इस चरण की चुनाव की तैयारियां पुख्ता हैं। सभी लोकसभा सीट पर चुनाव अभी तक शांतिपूर्ण तरीके से चलने की खबर है। सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी है। इन सब के बीच वोटिंग हो रही है।







