DHANBAD : झारखंड में कल सोमवार को चौथे चरण में चुनाव होंगे। जिसके सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है।सभी बूथों पर मतदान कर्मी पहुंच चुके है। वहीं जिला प्रशासन चुनाव शांतिपूर्ण कराने को लेकर पूरी तरह मुस्तैद है। झारखंड में चौथे चरण के चुनाव में कई प्रत्याशियों की प्रतिष्ठा दांव पर है। सिंहभूम में भी दो महिला उम्मीदवारों के बीच कांटे का टक्कर देखने को मिल रहा है। अब आनेवाले दिनों में देखना है की कौन किस पर भारी पड़ता है।

आइए आपको इन चारों सीटों का समीकरण समझाते हैं। झारखंड में लोकसभा चुनाव के चौथे चरण में जिन चार सीटों पर सोमवार यानि 13 मई को मतदान होने वाला है, उनमें लोहरदगा,खूंटी, सिंहभूम और पलामू है। इन चारों सीटों पर NDA और INDIA के प्रत्याशियों के बीच सीधी टक्कर है। एक लोहरदगा सीट ही हैं जहां झामुमो विधायक चमरा लिंडा ने मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है। चौथे चरण में अर्जुन मुंडा की भी प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है। जो केंद्र सरकार में मंत्री हैं। उनका मुकाबला कांग्रेस के कालीचरण मुंडा से है। इससे पहले कड़िया मुंडा यहां के सांसद थे, जिन्हें उम्र का हवाला देकर रिटायरमेंट कर दिया गया था। उसके बाद भाजपा ने अर्जुन मुंडा को चुनाव मैदान में उतारा था। तब भी अर्जुन मुंडा कांग्रेस के कालीचरण मुंडा से लगभग दो हजार मतों से जीते थे। दोनों अर्जुन मुंडा जहां फासले को बढ़ाना चाहेंगे तो वहीं कालीचरण मुंडा हार को जीत में तब्दील करना चाहेंगे। वहीं दो अन्य भी मैदान में है,जो उनकी मार्जिन को थोड़ा कम कर देगी।

अब झारखंड की सबसे हॉट सीट है तो वह है सिंहभूम। यहां दो कद्दावर महिला चुनावी मैदान में है। एक तरफ कांग्रेस छोड़ भाजपा की दामन थामने वाली गीता कोड़ा है तो दूसरी तरफ झामुमो की जोबा मांझी। पिछली बार कांग्रेस के टिकट पर गीता कोड़ा चुनाव जीती थी। वहीं INDIA गठबंधन ने सरकार में मंत्री रही JMM की जोबा मांझी को उतारा है। सीएम चंपई सोरेन भी सिंहभूम से आते हैं, इसलिए यह सीट उनके लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गई है।
अब अगर पलामू की बात करे तो यहां भाजपा के मौजूदा सांसद बीडी राम है। जो झारखंड के डीजीपी रह चुके है। उनका मुकाबला राजद की ममता भुइयां से है। बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर मैदान में उतरे पूर्व सांसद कामेश्वर बैठा भी मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने की पूरी कोशिश में लगे हुए है। लेकिन मुकाबला यहां भाजपा और राजद के प्रत्याशी के बीच ही है।
लोहरदगा सीट भी भाजपा के कब्जे में रहा है। लेकिन इस बार भाजपा ने तीन बार जीत दर्ज करने वाले सुदर्शन भगत को टिकट ना देकर समीर उरांव को टिकट देकर मैदान में उतारा है। जहां INDIA गठबंधन ने लोहरदगा से विधायक रह चुके सुखदेव भगत को अपना उम्मीदवार बनाया है। यहां निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर झामुमो के बागी विधायक चमरा लिंडा निर्दलीय ने मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है।
अब देखना है कि इस बार यहां के मतदाता किस किस को अपना उत्तराधिकारी बनाकर दिल्ली भेजती है। वैसे चुनाव आयोग के साथ साथ जिला प्रशासन मुस्तैद है की कहीं कोई गड़बड़ी ना हो और चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो।







