PURNIYA : पूर्णिया के बनमनखी थाना क्षेत्र में बेखौफ अपराधियों ने बैंक से छह लाख रुपये निकाल कर ला रहे एक CSP संचालक को गोलियों से छलनी कर छह लाख रूपये लूट कर फरार होने में सफल रहे। अपराधी CSP संचालक को लगभग 15 गोली मारी, जिससे उसकी मौत घटनास्थल पर ही हो गई। घटना का दिलचस्प पहलू यह है की जिस समय CSP संचालक बैंक से रूपये निकाल कर ला रहा था, उस समय उसके साथ पुलिस के दो जवान भी साथ में थे। लेकिन वे घटना घटने के समय फरार हो गए। जिसके बाद पुलिस पर कई सवालिया निशान उठने लगे है। घटना बनमनखी हृदयनगर चौक से महज ढाई सौ मीटर की दूरी पर घटी है। घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने थाना पर हमला कर जमकर तोड़फोड़ की। जिसके बाद बड़ी संख्या में पुलिस जवान पहुंच मामले को शांत कराया।

घटना को लेकर बताया जाता है की CSP संचालक सुभाष चंद्र मिश्र रसाढ़ गांव का रहने वाले है। सुभाष चंद्र मिश्र शुक्रवार को लगभग तीन बजे बैंक से रुपया निकाल कर थाना पहुंचा,जिसके बाद उसे रसाढ़ स्थित केंद्र तक सुरक्षित राशि ले जाने के लिए दो चौकीदार उपलब्ध कराया गया। दोनों चौकीदारों को लेकर वह जैसे ही हृदयनगर से आगे बढ़ा की सामने से आ रहे बाइक सवार तीन अपराधियों ने हथियार दिखा उनकी बाइक रुकवा ली। जैसे ही अपराधी संचालक से रुपया की मांग की दोनों पुलिस जवान मौके से फरार हो गए। यह देख संचालक रुपयों से भरा बैग लेकर खेत की तरफ भागने लगा। तभी अपराधी उस पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाना शुरू कर दी। उसके बाद अपराधी उसका रुपया से भरा बैग लेकर फरार हो गए। गोलियों की आवाज सुन आसपास के लोग जब तक मौके पर पहुंचते अपराधी घटना को अंजाम देकर फरार हो गए। इसके बाद घटना की जानकारी पूरे क्षेत्र में फेल गई।

तबतक घटना की सूचना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण व परिजन घटनास्थल पर पहुंच गए। उसके बाद लोगों का आक्रोश फूट पड़ा और लोगों ने थाना पर ही हमला कर दिया। लोगों ने शव को थाना गेट पर रख थाना में तोड़फोड़ मचाना शुरू कर दिया। उसके बाद आक्रोशित लोगों ने थाना के सामने बनमनखी-धमदाहा पथ पर आगजनी कर सड़क जाम कर दिया। लोग अपराधियों की गिरफ्तारी, फरार चौकीदारों को सामने लाने व थानाध्यक्ष को तत्काल निलंबित करने की मांग पर अड़े गए।
उसके बाद घटना की जानकारी के बाद घटनास्थल पर एसडीपीओ हुलास कुमार सहित कई अन्य अधिकारी पहुंच स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश में जुट गए। पुलिस के आला अधिकारी द्वारा लोगों को दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्यवाई और अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी कर लेने की बात कही तब कही जाकर लोगों का गुस्सा शांत हुई।उसके बाद पुलिस शव को अपने कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज अपराधियों की खोजबीन में जुट गई।







