SIWAN : बिहार में एक सप्ताह के अंदर भ्रष्टाचार की भेंट एक और पुल चढ़ गया। अररिया के बाद अब सीवान में गंडक नहर पर बना पुल भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। नहर पर बने पुल का एक पिलर धंसते ही ब्रिज भरभराकर नदी में गिर गया। मामला दरौंदा प्रखंड के रामगढ़ा पंचायत की है। यह पुल महाराजगंज प्रखंड के पटेढी बाजार और दरौंदा प्रखंड के रामगढ़ा पंचायत को जोड़ता था। जैसे ही पुल गिरी उसकी आवाज दूर तक सुनाई पड़ी। पुल गिरने की आवाज से इलाके के लोग सहम गए। फिलहाल हादसे में किसी के भी हताहत होने की सूचना नहीं है। लेकिन बरसात में लोगों की परेशानी बढ़ गई है।

बताया जाता है कि सीवान के दरौंदा प्रखंड के रामगढा में गंडक नहर पर बना पुल भरभरा कर टूट कर गिर गया। यह पुल पटेढ़ी बाजार और दारौंदा प्रखंड को जोड़ता था। अब इस पुल के टूटने से बरसात के दिनों में आम लोगों को काफी परेशानी होगी। अभी हाल के दिनों में ही अररिया में एक पुल ढह गया था। उस पुल को बनाने में लगभग 12 करोड़ रुपये की लागत आई थी। इससे पहले भी बिहार में कई बड़ी लागत के पुल पिलर बह जाने के कारण पुल बह चुके हैं। सीवान में भी नहर पर बने पुल में सिर्फ एक पिलर था और उसी पिलर के बह जाने के कारण पुल ढह गया।

अररिया जिले के सिकटी प्रखंड क्षेत्र में एक पुल भरभराकर नदी में समा गया था। ये पुल अररिया के पड़किया घाट पर बना था। बकरा नदी पर इस पुल के निर्माण में करोड़ों की लागत लगी थी। इस घटना के बाद लोगों का कहना था कि ठेकेदार और विभागीय लापरवाही की वजह से ये घटना सामने आई है। पुल की लागत 12 करोड़ रुपये बताई जा रही है। पड़रिया पुल के तीन पिलर बहकर नदी में समा गए, जिससे पुल टूट गया। यही नहीं यह पुल जब बना तो पहली बार नदी का किनारा बाढ़ के कारण दूर हो गया, इसके बाद 12 करोड़ की लागत से नदी को किनारे तक को जोड़ने के लिए पुल का निर्माण शुरू हुआ। लेकिन विभागीय लापरवाही व संवेदक की भ्रष्टाचार की वजह से पुल गर्भ में समा गया।
फिलहाल पुल के टूटने के बाद संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंच चुके है और जांच कर रहे है की पुल टूटने का कारण क्या है। वहीं अररिया पुल हादसे पर सरकार ने एक्शन लेते हुए 2 इंजीनियर को निलंबित करते हुए ठेकेदार पर भी FIR दर्ज करने का आदेश दिया है।







