DARBHANGA – (दरभंगा): दरभंगा में VIP पार्टी के प्रमुख और पूर्व मंत्री मुकेश सहनी के पिता जीतन सहनी की सोमवार की रात निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई, उनका शव घर में मिला। घटना की जानकारी के बाद जिले के आला अधिकारी सहित कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि अपराधियों ने घर में घुसकर हत्या की है। हालांकि हत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है। हत्यारों ने धारदार हथियार से गोद कर उन्हें बेरहमी से मौत के घाट उतारा है। दरभंगा एसएसपी ने मामले के बाद एसआईटी का गठन कर जांच शुरू कर दी है। वहीं मुकेश सहनी को खबर मिलते ही वे दरभंगा के लिए रवाना हो चुके हैं।

हत्यारों ने बेरहमी से की है हत्या
घटना के बाद मिली जानकारी के अनुसार जीतन सहनी के घर में अकेले रहते थे। हर दिन वे सुबह उठ कर टहलते रहते थे। लेकिन आज देर तक गेट नहीं खुला तो लोगों को शक हुआ। उसके बाद तो अंदर का नजारा देख सभी हैरान रह गए। उनका क्षत विक्षत शव पड़ा हुआ था। उसके बाद लोगों ने पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंच जांच में जुट गई है। पुलिस को माने तो हत्या के लिए धारदार हथियार का प्रयोग किया गया है, जिसके चलते शव क्षत-विक्षत पड़ा हुआ था।

हत्या का कारण स्पष्ट नहीं, आपसी रंजिश में भी हत्या की संभावना
घटनास्थल पर पुलिस के बड़े अधिकारी भी पहुंचे हैं और
छानबीन कर रहे है। फिलहाल हत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है। सूत्रों के मुताबिक, आपसी रंजिश को लेकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया है। घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ लग गई है। सुबह-सुबह इस जघन्य हत्या की खबर से पुरे क्षेत्र में सनसनी है।

घटना को लेकर कई नेताओं ने की निंदा
बता दें कि मुकेश सहनी (VIP) पार्टी के प्रमुख हैं और बिहार सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। फिलहाल सहनी की पार्टी का गठबंधन इंडिया गठबंधन के साथ है। घटना के बाद से पूरे परिवार में कोहराम मचा हुआ है और सहनी भी बिहार से बाहर हैं। केंद्र सरकार में मंत्री और बिहार के नेता जीतन राम मांझी ने एक्स पोस्ट में कहा कि वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी के पिता की हत्या की सूचना से स्तब्ध हूं। मैं राज्य सरकार से मांग करता हूं कि दोषियों को अविलंब गिरफ्तार कर स्पीडी ट्रायल कराया जाए. मैं और मेरी पार्टी इस दुख की घड़ी में हर तरह से मुकेश सहनी जी के साथ है।
पुलिस के किया SIT का गठन
दरभंगा के वरीय पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मुकेश सहनी के पिता की हत्या के मामले में ग्रामीण पुलिस अधीक्षक काम्या मिश्रा के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया है, जिसमें बिरौल अनुमंडल के पुलिस अधिकारी मनीष कुमार चौधरी एवं बिरौल थाना प्रभारी भी शामिल है।
कानून व्यवस्था पर उठने लगे सवाल
इसी के साथ सवाल बिहार की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। राजद ने इस घटना के बाद सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए महाजंगल राज कहा।







