झरिया: शुक्रवार को नहाय खाय के साथ लोक आस्था का महापर्व छठ शुरू हो गया है. कोयलांचल में भी लोग बड़ी संख्या में छठ का व्रत रखते हैं. बिहार और यूपी के लोगों की संख्या कोयलांचल में काफी अधिक है. जिस कारण छठ की रौनक और लोगों का उत्साह यहां देखते ही बनता है. सुबह से ही व्रती नहाय खाय की तैयारी में जुटे रहे. छठ के पहले दिन नहाय खाय पर कद्दू की विशेष परंपरा है. छठ व्रती आज प्रसाद में कद्दू का उपयोग करते हैं. अरवा चावल का भात, चना दाल, अगस्त का फूल, नया आलू और फूल गोभी से बनी सब्जी से नहाए खाय के दिन बने प्रसाद को ग्रहण करते हैं. इस पूरे प्रसाद को बनाने के लिए सेंधा नमक का इस्तेमाल किया जाता है. लाल की जगह हरी मिर्च का उपयोग किया जाता है. हाट बाजारों में कद्दू के साथ साथ विभिन्न पूजन सामग्री और फल खरीदने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी रही. आज कद्दू भात के बाद कल शनिवार को लोहंडा यानी खरना है. लोहंडा की पूजन विधि के बाद छठ व्रतियों के द्वारा प्रसाद ग्रहण के बाद लोग प्रसाद ग्रहण करेंगे. प्रसाद ग्रहण के बाद से छठ व्रती 36 घंटे का निर्जला उपवास रखेंगी. इसके बाद रविवार को पहला अर्घ्य की तैयारी में श्रद्धालु जुट जाएंगे। विभिन्न छठ घट पर पहला अर्घ्य अस्तचलगामी सूर्य को देंगे. इसके बाद अगले दिन सोमवार की सुबह उदयीमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही छठ का समापन हो जायेगा.







