रांची: झारखंड में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दौरे के बीच जहां आम जनों की बड़ी योजनाओं को जमीन पर उतारने की कवायद तेज होती नजर आ रही है, वहीं मोदी के इस दौरे से राज्य की राजनीति भी उफान पर दिखाई पड़ रही है। राज्य में सत्ताधारी दल झारखंड मुक्ति मोर्चा ने मोदी के इस दौरे पर कड़ी टिप्पणी की है। उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि जनजातिय समूह के प्रति किसी तरह भी भावना नहीं दिखाई पड़ी। सुप्रियो ने कहा कि सरना धर्म कोड़, जिसे झारखंड विधानसभा में पारित कराकर भेजा था, उसका उल्लेख तक नहीं किया गया। सुप्रियो ने साफ कहा कि जनजातिय समुदाय के लोगों के लिए किसी तरह का सम्मान नहीं है। झारखंड के साथ साथ मणिपुर और मिजोरम का उदाहरण देते हुए कड़ी टिप्पणी की। सुप्रियो भट्टाचार्य ने यहां तक कहा कि पहले इडी,आईटी और सीबाआई के माध्यम से परेशान किया जाता था। लेकिन अब तो पीम खुद ही सामने आ रहे हैं।
इधर जैसे ही जेएमएम की तरफ से प्रधानमंत्री के दौरे और जनजातीय समाज को लेकर सरना धर्म लागू करने की मांग को लेकर सवाल खड़े किए गए। बीजेपी के नेताओं ने भी जेएमएम पर निशाना साधा। बीजेपी के झारखंड प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि प्रधानमंत्री ने झारखंड दौरे पर जैसे ही आदिवासियों के हितो और उत्थान की घोषणा की, वैसे ही झारखंड मुक्ति मोर्चा के हाथ-पांव फूलने लगे है। प्रतुल ने राज्य सरकार और जेएमएम के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।







