RANCHI : रांची में मुख्यमंत्री का आवास घेरने जा रहे पारा शिक्षकों और पुलिस के बीच उस समय झड़प हो गई, जब प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री आवास के समीप पहुंचकर सुरक्षा घेरा तोड़कर आगे जाने की कोशिश करने लगे। तब पुलिस के साथ पारा शिक्षकों की झड़प भी हुई, उसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। पारा शिक्षक लंबे समय से वेतन वृद्धि और सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग कर रहे हैं।

बता दे कि है कि पारा शिक्षक लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत है। वे राज्य सरकार से वेतनमान के साथ-साथ अपने आप को राज्य कर्मी का दर्जा देने की मांग कर रहे है। पारा शिक्षकों ने सरकार को मार्च महीने तक इस मामले में आवश्यक कदम उठाने की बात रखी थी। लेकिन सरकार की ओर से इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। जिसके बाद पारा शिक्षकों ने रांची जाकर सीएम आवास घेराव करने का कार्यक्रम तय किया। हजारों की संख्या में पारा शिक्षक रांची के मोरहाबादी मैदान पहुंच कर मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच कर गए थे। उनका इरादा मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने का था। हालांकि, पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए थे। मोरहाबादी मैदान से लेकर मुख्यमंत्री आवास तक भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
जैसे ही पारा शिक्षकों का जत्था मुख्यमंत्री आवास के पास पहुंचा पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इस दौरान शिक्षकों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया। पारा शिक्षक लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। उनकी प्रमुख मांगों में वेतनमान में बढ़ोतरी, उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा देना और अन्य सुविधाएं शामिल हैं। शिक्षकों का कहना है कि उन्हें बेहद कम वेतन मिलता है और उन्हें मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित रखा जाता है। शिक्षकों का आरोप है कि सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं तो वे अपना आंदोलन और तेज करेंगे।







