पुलिस – प्रशासन के नाम पर हो रहा पैसे की वसूली, राज्य सरकार को लग रहा चुना
DHANBAD : धनबाद में खनिज संपदा का अवैध खनन, भंडारण, परिवहन बदस्तूर जारी है। जबकि प्रति माह जिला प्रशासन की और से खनिज संपदा के अवैध अवैध खनन, भंडारण और परिवहन पर रोक लगाने के उद्देश्य से बैठक होती है जिसमे थाना प्रभारी, अंचलाधिकारी और संबंधित विभाग को इसपर सख्ती से रोक लगाने का निर्देश दिया जाता है। लेकिन ये बैठक सिर्फ पेपर तक ही सिमट कर रह जाती है। इधर पूर्वी टुंडी और निरसा थाना क्षेत्र के बेजार नदी घाट से प्रतिदिन बालू उठाव में करोड़ों रुपए का खेल हो रहा है।

एनजीटी के रोक के बावजूद धनबाद के पूर्वी टुंडी थाना क्षेत्र और निरसा थाना क्षेत्र अंतर्गत बराकर नदी के बेजड़ा घाट और घूरनीबेड़ा घाट से प्रतिदिन बेधड़क सैकड़ो हाइवा, ट्रेक्टर और 407 वाहन से बालू का अवैध धुलाई हो रहा है। इसका खुलासा एक बार फिर मंगलवार की देर रात को हुआ जब बालू के अवैध कारोबार कर रहे दो सिंडीकेट आपस में भिड़ गए जिसमे जमकर मारपीट और गली गलोज हुआ कुछ लोगो को चोटें भी आईं लेकिन शिकायत थाना तक नहीं पंहुचा।

गौरतलब है की दिन भर सैकड़ो की संख्या में लोग नाव से या ट्रेक्टर के माध्यम से नदी से बालू निकालकर नदी के ऊपर भंडारण करते है और रात होते ही सैकड़ों हाइवा, ट्रेक्टर और 407 वाहन में बालू लोड कर अनन्त्र भेजा जाता है। वही सूत्रो की माने तो ट्रेक्टर और 407 का ठेका चिक्कू मंडल नमक व्यक्ति है जो ऊपर तक मैनेज के नाम पर ट्रेक्टर से पैसा वसूली करता है। जबकि हाईवा का संचालन कर्ता अरविंद मुर्मू नामक व्यक्ति है। अरबिंद मुर्मू ही बेजड़ा घाट को भी चलाता है। जो ऊपर तक मैनेज होने की बात करते है। इसमें स्थानीय पुलिस भी पीछे नही है पूर्व टुंडी थाना और जीटी रोड गोबिंदपुर थाना की भी टीम है मुस्तैद रहती है, इसे रोकने के लिए नही वाहनों से पैसे की वसूली के लिए थाना का पैसा ऐनुल अंसारी नामक व्यक्ति वसूली करता है। यही नहीं पूर्वी टुंडी अंचल के सीओ के गार्ड जो सिओ के काफी करीबी माने जाने है रास्ते में पैसे लेने के लिए मुस्तैद रहता है।
बालू से तेल निकालने का पूरा खेल सिंडीकेट के माध्यम से होता है उक्त दोनो घाटों पर दो सिंडीकेट काम करता है एक ग्रामीण का सिंडीकेट और दूसरा बाहरी सिंडीकेट। बालू के इस खेल में राज्य सरकार का नुकसान हो रहा है। लेकिन अवैध कारोबारी और पुलिस प्रशासन के अधिकारी माला माल हो रहे है। और अगर नही तो फिर कार्यवाई क्यों नही होती। पुलिस और प्रशासन के द्वारा एक दो वाहन पकड़ कर सिर्फ खानापूर्ति की जाती है। धनबाद में जिस तरह से अवैध बालू का खेल चल रहा है इसमें नीचे से ऊपर तक की सेटिंग से इंकार नहीं किया जा सकता है। इसकी गंभीरता से जांच हो तो कई बड़े अधिकारी के गर्दन फंस सकती है। धनबाद में भी एक बड़ा खनन घोटाला का पर्दाफाश होगा।







