धनबाद : कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर मंगलवार 21 नवंबर को कोयलांचल के विभिन्न क्षेत्रों में अक्षय नवमी मनाई गई, इसे आंवला नवमी भी कहा जाता है,आज के दिन महिलाएं सुबह स्न्नान कर आंवला वृक्ष की विशेष पूजा अर्चना की और आंवला फल के साथ मौली धागा लेकर आंवला वृक्ष का फेरी लगाई। साथ ही भतुआ के रूप में गुप्त दान भी किया। मान्यता है कि आज के दिन स्नान, पूजन, तर्पण और अन्नादि के दान से अक्षय फल की प्राप्ति होती है.
वही अक्षय नवमी को लेकर आंवला पूजा में शामिल धनबाद के जेसी मल्लिक रोड स्थित पांडेय मुहल्ला की
महिलाओं ने बताया कि हिंदू धर्म के सबसे बड़े अनुष्ठानों में एक अक्षय नवमी भी है जिसे आंवला नवमी भी कहा जाता है, आज के दिन आंवला वृक्ष की विशेष पूजा अर्चना की जाती है। क्योकि अक्षय नवमी से लेकर देव उत्थान तक आंवले के वृक्ष में श्री हरि विष्णु का वास होता है,आज के दिन आंवला वृक्ष की पूजा करने से सुख, संपन्नता, सफलता और उत्तम सेहत का वरदान मिलता है, इस दिन किए गये दान या किसी धर्मार्थ कार्य का लाभ व्यक्ति को वर्तमान और अगले जन्म में भी प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि इस मौके पर वर्षों से मुकेश पांडेय द्वारा खिचड़ी का भव्य भोग का भी आयोजन किया जाता है। जिसमे जेसी मल्लिक के साथ साथ आस पास के हजारों लोग प्रसाद ग्रहण करते है।।







