DHANBAD : झमाडा में नौकरी की मांग को लेकर 951 दिनों से लगातार धरना पर बैठने के बावजूद झमाडा के मृत कर्मचारियों के आश्रितजनों को अनुकम्पा पर बहाल नही किए जाने के विरोध में लगतार चरणबद्ध आंदोलन किया जा रहा है। आज इसी कड़ी में आंदोलन करियों ने सार्वजनिक मुंडन कराया एवं हेमंत है तो दिक्क़त है, हेमंत हटाओ झारखण्ड बचाओ के नारे लगाए गए।

आंदोलनकारी मोo अजूरुद्दीन आलम ने कहा कि हम सब झामाडा धनबाद के मृत कर्मचारियों के आश्रित परिवार है जो पिछले 951 दिनों से कार्यलय के मुख्य द्वार के सामने धरना पर बैठे हुए हैं यदि सरकार और प्रबंध निदेशक ने अब भी अनुकंपा बहाली के प्रति कोई तत्परता नहीं दिखाई तो 7 अक्टूबर को झमाडा के प्रबंध निदेशक और मुख्यमंत्री का श्राद कर्म करके विरोध और उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।







