DHANBAD : धनबाद में जिला परिषद बोर्ड की तीसरी बैठक काफी हंगामेदार रही जिला परिषद सदस्य लक्ष्मी मुर्मू और जिला अभियंता नरेंद्र सिंह ने एक दूसरे पर ठेका कार्य में पैसा लेने का आरोप लगाया। हंगामे के बीच सदस्यों द्वारा पानी के बोतल फेंके गए। इस दौरान काफी देर तक तू – तू,मैं – मैं, हुआ, हंगामा को देखते हुए मौजूद कई विभाग के अधिकारी सदन छोड़कर बाहर निकल गए वैसे कुछ देर के बाद बुलाने पर वे लोग दोबारा सदन में वापस आए। जिला अभियंता द्वारा माफी मांगने पर बैठक फिर से सुरु हुई।

बैठक में कई मुद्दों पर सहमति बनी जिसमें डीआरडीए का जिला परिषद में विलय, क्षेत्र के पानी,बिजली और सड़क की समस्या छाई रही। बैठक के बाद जिला परिषद अध्यक्ष शारदा सिंह ने कहा कि बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई सदस्यों ने अपने क्षेत्र की समस्या को रखा जिस पर पहल की जाएगी। साथ ही हंगामा को लेकर कहा कि जिला अभियंता के द्वारा महिला सदस्य पर की गई टिप्पणी गलत है आरोपो की जांच कराई जाएगी। डीडीसी सादात अनवर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि बैठक में डीआरडीए के विलय की औपचारिकता पूरी कर ली गई। साथ ही बैठक में पानी, बिजली, सड़क तक पॉल्यूशन का मुद्दा उठा जिस पर आश्वासन दिया गया कि इन सभी विभागों के साथ सदस्यों की अलग से बैठक कराई जाएगी। वही सदन में हुए हंगामा को लेकर कहा कि दोनों ओर से आरोप प्रत्यारोप लगाए गए जिस पर गंभीरता से जांच की जाएगी और दोसी पाए जाने पर कार्रवाई भी की जाएगी।

पूरे मामले को लेकर क्षेत्र संख्या 16 के जिला परिषद सदस्य मोहम्मद इसराफिल उर्फ लाला ने कहा कि हम लोगों के जीते हुए 3 साल पूरे हो गए लेकिन कोई कार्य नहीं हो रहा है, इस पर जब कार्य को लेकर जिला अभियंता को बोला गया तो जिला अभियंता आदिवासी महिला सदस्या के साथ अपमानित भरे शब्द का प्रयोग किया जिस पर बात बढ़ गई और हंगामा हुआ। कहां की जिला अभियंता पर आरोप है कि गोविंदपुर क्षेत्र संख्या 10 में सड़क निर्माण के लिए ठेकेदार से पैसे लिए हैं। इससे पहले भी पानी टंकी निर्माण के लिए जिला अभियंता ठेकेदार से 50 हजार लिए थे मामला संज्ञान में आने पर उनके द्वारा लिया गया पैसा वापस कराया गया। आरोप लगाया कि जिला अभियंता के द्वारा नियम को ताक पर रखकर ठेका कार्य को बांटा जाता है।







