JHARIA: झरिया कोयलांचल में हवा का हाल बेहाल हैं. हर तरफ प्रदूषण का कहर है. लोदना क्षेत्र संख्या 10 और 9 चल रहे आउटसोसिंग परियोजना से उड़ रहे धूलकण से झरियावासी के साथ साथ व्यापारी भी त्रस्त हैं. प्रदूषण के खिलाफ ग्रीन लाइफ के संयोजक डॉ मनोज सिंह, एवं युथ कॉन्सेप्ट के संयोजक अखलाक अहमद ने लागतार आवाज उठाया हैं. प्रदूषण पर रोकथाम की वजह झरिया कोयलांचल में प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा हैं. प्रदूषण के खिलाफ तंत्र को जगाने के लिए गुरुवार को पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत झरिया वासियों ने चिल्ड्रेन पार्क से लेकर कतरास मोड़ तक दौड़ लगाई। दौड़ में समाजसेवी संग़ठन, राजनीतिक पार्टियों के लोग, चिकित्सक, व्यव्सायी सहित बड़ी संख्या में स्कूली छात्र छत्राओं ने बढ़ चढ़कर भागीदारी ली. सुबह से ही चिल्ड्रेन पार्क में लोगों का जुटान होना शुरू हो गया था। दौड़ में शामिल सभी लोग मेरी सांसें मेरा हक लिखा टी शर्ट और टोपी लगाए थे। सभी ने एक स्वर में प्रदूषण के खिलाफ आवाज बुलंद की। दौड़ के दौरान मेरी सांसें मेरा हक, रन फ़ॉर क्लीन एयर, शुद्ध हवा मेरा अधिकार जैसे नारे लगते रहे. दौड़ में शामिल निवर्तमान मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल ने कहा कि यह जन जन की आवाज है। जिस तरह से बीसीसीएल सारे नियमो का ताख पर रख माइनिंग कर रही है एनवायर्नमेंटल क्लियरेंस की एक भी शर्त नहीं मान रही है जिसका खामियाजा यहां की जनता झेल रही है। अब जनता जागरूक हो रही है। भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रागिनी सिंह ने कहा कि झरिया की जनता प्रदूषण से कितनी त्रस्त है। यहां की जनता के जीवन से खिलवाड़ नहीं होने देंगे यह आवाज ऊपर तक उठाएंगे। अगर इसके बाद भी इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो इससे बड़ा आंदोलन हमलोग करेंगे। बीसीसीएल की मनमानी नहीं चलने देंगे. झरिया विधायक के प्रतिनिधि केडी पांडेय ने कहा कि हमें स्वच्छ हवा लेने का अधिकार है पर बीसीसीएल द्वारा इसका हनन किया जा रहा है। नियमों को ताख पर रख शहर के चारों ओर चल रहे खनन कार्य के कारण घरों के आंगन में धूलकण जम रहे हैं। लोग टीवी, अस्थमा जैसे गंभीर बिमारियों की चपेट में आ रहे हैं। अभी लड़ाई की शुरआत हुई है आगे झरिया की पूरी जनता एक साथ मिलकर ये लड़ाई लड़ेगी. मारवाड़ी सम्मेलन ट्रस्ट झरिया के अध्यक्ष सह भाजपा नेता राजकुमार अग्रवाल ने कहा कि झरिया के लोग आज यह सोचने को मजबूर हैं कि उनकी सांसें कैसे सुरक्षित रहे। यह दुर्भाग्य है कि लोगों के आग्रह के बाद भी खनन कंपनियां कोयला उत्खनन में मानकों का पालन नहीं कर रही हैं जिस कारण वर्तमान में यहां प्रदूषण की समस्या इतनी गंभीर हुई है। अगर इस दौड़ से खनन कंपनियां नहीं चेती तो उग्र आंदोलन करते हुए सभी कंपनियों का चक्का जाम कर खनन नियमों का पालन करने को मजबूर किया जाएगा।







