DHANBAD (धनबाद): झारखण्ड में सरकार गठन होते ही एक बार फिर से मंईयां सम्मान योजना का लाभ लेने के लिए महिलाओं में आपधापी मच गई है। धनबाद अंचल कार्यालय पर रोजाना सैकड़ों महिलाओं का हुजूम उमड़ रहा है। आलम यह है कि कतार में ख़डी महिलाओं के बीच धक्का मुक्की तक की नौबत आ रही है। महिलाएं बेहोश हो रही है, शनिवार को भी अंचल कार्यालय पर सैकड़ों महिलाओं की भीड़ उमड़ी. महिलाओं की कतार कार्यालय से बाहर तक पहुंच गई. फॉर्म जमा करने आयी महिला आवेदिका का कहना है कि झारखण्ड सरकार मंईयां सम्मान योजना लेकर तो आ गई है पर जिस प्रकार से फॉर्म भरने के लिए कार्यालय पर अवयवस्था का आलम दिख रहा है उससे तो यही लगता है कि इस योजना के बहाने महिलाओं को बेवकूफ बनाने का काम हो रहा है। आवेदन जमा करने आई मधु का कहना है कि दो तीन दिनों से लगातार कार्यालय का चक्कर लगा रही हैं भीड़ इतनी है कि फॉर्म जमा करना मुश्किल पड़ रहा है। कतार को सही तरीके से व्यवस्थित करने के लिए एक भी कर्मचारी को नहीं लगाया गया है। पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं की गई है। यह योजना सरकार की है व्यवस्था देने में सरकार एवं स्थानीय प्रशासन की जवाबदेही बनती है।ऐसे परिस्थिति में यह योजना मंईयां सम्मान योजना नहीं बल्कि मारामारी योजना बनती जा रही है।ऑपरेटर मो. हसन का कहना है कि अवव्यवस्था के लिए महिलाएं स्वंय ही जिम्मेवार हैं। सुरक्षा को लेकर महिला आरक्षी को भी नियुक्त किया गया था जोकि व्यवस्था को बनाये रखने में फेल साबित हुईं। अंचलधिकारी ने अश्वस्त किया है कि जल्द ही पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की जाएगी जिससे कि फॉर्म जमा लेने कि परिक्रिया शांति पूर्ण ढंग से संचालित हो सके।







