Dhanbad : स्वास्थ्य विभाग शुक्रवार को तामझाम के साथ न्यूनेटल 108 एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।जिसका उद्देश्य था कि नवजात,छोटे बच्चों को बेहतर एम्बुलेंस सेवा प्रदान की जाएगी।लेकिन इसकी पोल महज 24 घण्टे में खुल गई। जिले के छाताटांड़ (कतरास) के रहने वाली सुमित्रा देवी को प्रसव के लिए परिजन गुरुवार को सदर अस्पताल धनबाद लेकर गए थे। जहां प्रसूता ने बेटे को जन्म दिया। इसके कुछ घंटे बाद से ही नवजात शिशु को सांस लेने में दिक्कत महसूस होने लगी। परिजनों ने डॉक्टर को इसके बारे में बताया जहाँ डॉक्टर ने जांच के बाद शिशु को बेहतर इलाज के लिए शक्रवार को निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज अस्पताल धनबाद रेफर किया।जांच के बाद शनिवार को एसएनएमसीएच के डॉक्टर ने भी नवजात को रिम्स अस्पताल रांची ले जाने की सलाह देकर रेफर कर दिया।इसके बाद परिजनों ने 108 न्यूनेटल एंबुलेंस से ऑक्सीजन लगा शिशु को लेकर रांची जाने लगे। एंबुलेंस दो बीमार बच्चों को लेकर रवाना हुए। तभी सुमित्रा देवी के परिजनों को आभास हुआ कि शिशु की नफ़्स नहीं चल रही है और ऑक्सीजन भी सही ढंग से नहीं मिल रहा है। इसके बाद परिजनों ने एंबुलेंस में मौजूद लोगो को इसके बारे में बताया और कहा कि बच्चे की नफ़्स नहीं चल रही है और ऑक्सीजन भी सही ढंग से नहीं चल रही है। संभवत ऑक्सीजन मे खराबी तो नही है ।आप कहीं आसपास अस्पताल में हमें ले चले ताकि मैं बच्चा की स्वास्थ्य जांच करा सकूं। तभी एंबुलेंस के ड्राइवर ने कहा कि महुदा में तुम लोग को उतार देते हैं किसी वाहन से चले जाओ एक बार एंबुलेंस से उतार देंगे तो दोबारा नहीं बैठाएंगे कहने लगे गए।जिसके बाद परिजनों ने फिर 108 एंबुलेंस को फोन कर कम्प्लेन किया तब वही 108 एम्बुलेंस बच्चे को लेकर केंदुआडीह शहरी सामुदायिक केंद्र ले गए ओर शिशु एवं उनके परिजनों को उतार कर चले गए केंदुआडीह शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों ने जांच के बाद नवजात को मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद नवजात की मां अपने को गोदी में लिए दहाड़ मार रोने लगी। वही नवजात के परिजन ने आरोप लगाया कि 108 एम्बुलेंस में ऑक्सीजन काम नही किया।जिसके कारण उसके बच्चे की मौत हो गई।एम्बुलेंस में लापरवाही बरती गई है। वही मामले में सिविल सर्जन डॉ0भानुप्रताप ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है।सभी से जानकारी मांगी गई है।मामले में जो भी दोषी होंगे जाँच कर कार्रवाई की जायेगी।







