RANCHI : रांची के एमपी एमएलए कोर्ट ने बुधवार को जेएमएम के पूर्व विधायक पौलूस सुरीन और नक्सली जेठा कच्छप को चर्चित हत्याकांड के आरोप में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। यह सजा रांची के एमपी-एमएलए कोर्ट के जस्टिस दिनेश कुमार ने बुधवार को सुनाई। जबकि इस मामले में कोर्ट ने चार अन्य आरोपी को साक्ष्य के अभाव में रिहा कर दिया।
आप को बताते चले कि इस हत्याकांड के मामले में पौलूस सुरीन, नक्सली जेठा कच्छप, कृष्णा महतो के अलावा तीन अन्य महिलाएं भी आरोपी बनाई गई थी। वे भी ट्रायल फेस कर रही थी। वहीं पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप भी इसी मामले में ट्रायल फेस कर रहे है।
अभियोजन पक्ष की ओर से 12 गवाह पेश किए गए,जबकि बचाव पक्ष की ओर से एक गवाह पेश किया गया। उसके बाद अपर न्यायुक्त दिनेश कुमार की अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद बुधवार को दोनों आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वहीं इस हत्याकांड के चार अन्य आरोपी को रिहा कर दिया गया। इस हत्याकांड की घटना को लेकर कर्रा थाना में कांड संख्या 27/2013 के तहत प्राथमिकी दर्ज हुई थी।
इस हत्याकांड को लेकर रांची के एमपी-एमएलए कोर्ट में सुनवाई चली आ रही थी। सात अप्रैल को कोर्ट ने सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था और सजा की बिंदु पर बुधवार को सुनाने की बात कही थी। बुधवार की सुबह कोर्ट ने पौलुस सुरीन और जेठा कच्छप को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वहीं इस मामले में ट्रायल फेस कर रही तीन महिलाओं समेत चार को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।
मामला यह था कि 2013 में ठेकेदार भूषण सिंह और राम गोविंद सिंह पर नक्सलियों ने हमला कर दोनों की हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में पीएलएफआई कमांडर जेठा कच्छप का नाम आया था, गिरफ्तारी के बाद पुलिस के समक्ष जेठा ने पौलुस सुरीन का नाम लिया था और कहां की उन्हीं के इशारे पर घटना को अंजाम दिया गया है।







