JAMTARA : साइबर अपराधियों के लिए चर्चित जामताड़ा में अब पुलिस भी लगातार साइबर अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई कर रही है। मंगलवार को जामताड़ा साइबर क्राइम थाना पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने साइबर अपराध करते हुए 3 शातिर साइबर अपराधियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इनकी गिरफ्तारी करमाटांड़ और जामताड़ा थाना क्षेत्र के अलग-अलग स्थान से की गई है। गिरफ्तार अपराधी के पास से 12 मोबाइल फोन, 16 सिम कार्ड, दो पासबुक, आधार कार्ड सहित अन्य समान बरामद किया गया है। मामले का खुलासा साइबर डीएसपी अशोक कुमार राम ने साइबर क्राइम थाना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर किया।

साइबर डीएसपी अशोक कुमार राम ने बताया कि एसपी अनिमेष नैथानी को गुप्त सूचना मिली थी की कुछ साइबर अपराधी संगठित होकर साइबर अपराध की घटना को अंजाम दे रहे हैं। सूचना का सत्यापन करते हुए एसपी ने साइबर डीएसपी के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। जिसमें पुलिस इंस्पेक्टर सह थाना प्रभारी अब्दुल रहमान और अन्य पुलिस कर्मियों को शामिल किया और जामताड़ा थाना क्षेत्र के नावाडीह एवं करमाटांड थाना के खुटाबांध और हेठ,भीठरा गांव में छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान शातिर साइबर अपराधी राहुल रजक, सजाउद्दीन अंसारी और अजय दास को गिरफ्तार किया गया। डीएसपी ने बताया कि यह साइबर अपराधी अलग-अलग तरीके से लोगों को झांसा देकर ठगी करते थे। कहा कि फर्जी बैंक अधिकारी बनकर लोगों को फोन करके 16 अंक का एटीएम नंबर,CVV NO एवं ओटीपी नंबर प्राप्त कर विभिन्न ई – वॉलेट एवं फर्जी बैंक खातों के माध्यम से अपने खाते में ट्रांसफर कर साइबर ठगी करता था।

साइबर डीएसपी ने बताया कि प्राथमिकी अभियुक्त राहुल रजक और सजाउद्दीन अंसारी पूर्व में भी साइबर अपराध के मामले में आरोप प्रतीत है।
बताया कि यह साइबर अपराधी उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना और बिहार के लोगों से ठगी किया करता था। बता दें कि साइबर अपराधी साइबर अपराध के जरिए लाखों रुपए की संपत्ति अर्जित की है। सभी साइबर अपराधियों के विरुद्ध साइबर क्राइम थाना जामताड़ा में मामला दर्ज करते हुए न्यायिक हिरासत से जेल भेज दिया गया है।







