RANCHI : रांची के प्रभात तारा मैदान में आयोजित INDIA गठबंधन की उलगुलान महारैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राजद के तेजस्वी यादव, प्रियंका गांधी, अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल, हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन, एनसीपी नेता फारूक अब्दुल्ला, आप नेता संजय सिंह, झारखंड के सीएम चम्पाई सोरेन, सपा के अखिलेश यादव, पंजाब के सीएम भगवंत मान के अलावा अन्य नेताओं ने शिरकत की। रविवार को रांची में नजारा कुछ अलग सा दिख रहा था। INDIA गठबंधन में शामिल 28 पार्टियां एक साथ एक ही मंच पर आईं और मोदी सरकार पर जोरदार हमला बोला। विपक्ष ने इस रैली का नाम उलगुलान न्याय महारैली दिया था।

दिल्ली में पिछले महीने हुई इंडिया गठबंधन की रैली के बाद यह दूसरा मौका था, जब विपक्षी दलों के इतने नेता एक साथ एक मंच पर नजर आए। मंच पर अरविंद केजरीवाल और हेमंत सोरेन के लिए भी दो कुर्सियां खाली छोड़ी गई थीं। फिलहाल ये दोनों नेता जेल में हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे रैली में शरीक नहीं हो पाए। झारखंड के रांची में हुई इस रैली में तमाम नेताओं ने मोदी सरकार पर महंगाई-बेरोजगारी को लेकर हमला बोला और अरविंद केजरीवाल और हेमंत सोरेन को गलत तरीके से जेल में डालने का भी आरोप लगाया।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा की भाजपा वाले 500, 400 (सीटें) बोलते रहते हैं। लेकिन इस बार गठबंधन की ‘शक्ति’ इतनी मजबूत है कि चाहे पीएम मोदी हों या कोई भी, बीजेपी के लोग हमारी शक्ति को तोड़ नहीं सकते। हम इतने मजबूत हैं की वे हमें डराने की कोशिश कर रहे हैं, हेमंत (सोरेन) को जेल में डालकर हमें डरा रहे हैं। लेकिन हम डरने वालों में से नहीं हैं। नरेंद्र मोदी कहते हैं कि उन्होंने दलित और आदिवासी वर्ग के लोगों को देश का राष्ट्रपति बनाया। लेकिन उन्होंने दलित और आदिवासी समाज के कल्याण और स्वाभिमान के लिए नहीं, बल्कि अपने वोट बैंक के लिए उन्हें राष्ट्रपति बनाया है।

रैली में सपा के अखिलेश यादव भी पूरे तेवर में नजर आए। उन्होंने कहा जब से इन्होंने आपके (झारखंड) मुख्यमंत्री और दिल्ली के मुख्यमंत्री को जेल भेजा है वे चुनाव हार चुके हैं। मैदान में जब पहलवान हारने लगता है तब कई तरह के हथकंडे अपनाता है। बीजेपी यह न भूले कि शेर को गिरफ़्तार किया है लेकिन उनकी दहाड़ को गिरफ़्तार नहीं कर पाए हैं। पूर्व सीएम ने आगे कहा की जो लोग कहते विश्वगुरू बना देंगे वो लोग आज 80 करोड़ लोगों को राशन देने के लिए मजबूर हैं। वो जानते हैं कि अगर 80 करोड़ लोगों को राशन नहीं दिया तो जनता अपने आप घरों से निकल सत्ता पर काबिज ना हो जाए।

मोदी सरकार पर हमला बोलने में अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल भी पीछे नहीं रहीं। उन्होंने कहा अरविंद केजरीवाल को सत्ता की कोई चाहत नहीं है, वह सिर्फ देश की सेवा करना चाहते हैं। कई लोग कहते हैं कि यह मुश्किल है, जेल के ताले टूटेंगे, अरविंद केजरीवाल, हेमंत सोरेन छूटेंगे.’
उन्होंने कहा, राजनीति बहुत गंदी चीज है। उनके खाने पर कैमरा लगा हुआ है, हर निवाले पर नजर रखी जा रही है। वह शुगर के मरीज हैं और पिछले 12 साल से हर दिन 50 यूनिट इंसुलिन ले रहे हैं। लेकिन जेल में उन्हें इंसुलिन नहीं दिया जा रहा है। वे दिल्ली के सीएम को मारना चाहते हैं। वे अरविंद केजरीवाल के विचारों को नहीं समझ सकते,वह बहुत बहादुर हैं। वो शेर हैं उन्हें जेल में भी ‘भारत माता’ की चिंता है।

आप के संजय सिंह भी पीछे नहीं रहे और मोदी सरकार को खरी-खरी सुनाई। उन्होंने कहा, ‘भारत गठबंधन भारत के लिए काम करेगा और मोदी जी अडानी के लिए काम करेंगे।
वहीं राजद के तेजस्वी यादव ने कहा, ये मैदान आज की रैली में छोटा पड़ गया है. झारखंड ने मन बना लिया है कि बीजेपी को भगाना है देश बचाना है। बीजेपी भगाओ देश का संविधान लोकतंत्र और गंगा जमनी तहजीब को बचाओ। आज हम कल्पना बहन को धन्यवाद देते हैं। आज हम सबको उन्होंने बुलाया। हम मोदी नहीं,मुद्दे की बात करने आए हैं। मुझे पूरा भरोसा है सब लोग मिलकर तानाशाही को उखाड़ने का काम करेंगे।
वहीं हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना ने भी मोदी सरकार पर करारा हमला बोला। उन्होंने मंच पर हेमंत सोरेन का एक खत पढ़ा, जिसमें लिखा था, ढाई महीने से जेल में साजिश के तहत बंद हूं। आजादी के बाद पहली बार ऐसा हुआ है कि बेबुनियाद आरोपों को लेकर जेल में डाला जा रहा है। उलगुलान का मतलब है क्रांति। 2024 का चुनाव चल रहा है,एक तरफ इंडिया गठबंधन के लोग हैंऔर दूसरी तरफ पूंजीपतियों की गैर भाजपा सरकार को परेशान किया जा रहा है. यह देश हमें भीख में नहीं मिला,अनगिनत शहादत हुई हैं।
सोरेन ने आगे कहा, ‘2014 में एनडीए ने जनता की आंखों में धूल झोंककर सत्ता हासिल की. यहां के लोग गरीब हैं पर झारखंड गरीब नहीं। हम अपना हक मांगते हैं तो हमे जेल में डाल दिया जाता है। 2024 लोकसभा में किसी भी कीमत पर राज्य को बचाना है। राज्य के कई ज्वलंत मुद्दे हैं, जिनको लागू तब ही किया जा सकता है,जब तानाशाही सरकार को उखाड़ फेंका जाए। हम लड़ेंगे भी और जीतेंगे भी’।







