RANCHI : झारखंड के मंत्री आलमगीर आलम को ED की टीम ने गिरफ्तार कर गुरुवार को कोर्ट ने पेश कर नौ दिन की रिमांड मांगी, जिसके बाद कोर्ट ने ED को छह दिन के लिए आलमगीर आलम को रिमांड पर दे दी। अब आलमगीर आलम की मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही है। बुधवार को ही ED ने पुछताछ के बाद मंत्री आलमगीर आलम को गिरफ्तार कर लिया था। जिसके बाद गुरुवार को उन्हें कोर्ट में पेश कर ED ने रिमांड मांगी थी।

आप को बताते चले कि झारखंड के ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गुरुवार को झटका लगा, जब कोर्ट ने आलमगीर आलम को छह दिनों के लिए ED की रिमांड पर भेज दिया। आलमगीर आलम को उनके सचिव और नौकर के घर से नकदी रुपया बरामद किए जाने के बाद मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने बुधवार को गिरफ्तार किया था।

मामला यह है की ED ने छह मई को आलमगीर आलम के निजी सचिव संजीव लाल और संजीव लाल के घरेलू नौकर जहांगीर के यहां से छापामारी में करोड़ों रूपये नगदी बरामद की गई थी। जिस मामले को लेकर आलमगीर आलम ने ED के दावे पर हाल ही में कहा था कि इससे मेरा कोई लेना देना नहीं है। मैं संजीव लाल की गतिविधियों के बारे में नहीं जानते है। यह मामला राज्य ग्रामीण कार्य विभाग के पूर्व मुख्य अभियंता वीरेंद्र कुमार राम और कुछ अन्य के खिलाफ दर्ज की गई FIR से संबद्ध है।

बीरेंद्र राम को पिछले साल ED ने गिरफ्तार किया था। ED का दावा है कि बीरेंद्र राम निविदा आवंटन और काम के निष्पादन में कमीशन जुटाता था और कमीशन अपने ऊंच अधिकारियों सहित नेताओं को देता था। ED अभी तक राज्य के लोगों की संलिप्तता से जुड़े इस मामलों की जांच कर रही है। इसी मामले में पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, छवि रंजन और पूजा सिंघल के अलावा राजनीतिक रूप से जुड़े कई लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।







