RANCHI : टेंडर कमीशन घोटाला मामले में झारखंड सरकार के मंत्री आलमगीर आलम की 14 दिनों की रिमांड अवधि पूरी होने के बाद ED ने आलमगीर आलम को कोर्ट में पेश किया गया, जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। मंत्री आलमगीर आलम को गिरफ्तार करने के बाद ED की टीम ने तीन बार यानी कुल चौदह दिन उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ की। गुरुवार को 14 दिन की रिमांड पूरी होने के बाद ED की टीम के पास आलमगीर आलम से पूछताछ के लिए समय मांगने का कोई विकल्प नहीं बचा था। क्योंकि नियमानुसार ED किसी को भी अधिकतम 14 दिनों तक रिमांड पर रख सकती है।

कोर्ट में ED ने जैसे ही आलमगीर आलम पेश किया,आलमगीर आलम का पक्ष रख रहे उनके वकील 14 दिनों की रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का अनुरोध कोर्ट से किया किया। जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया और उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। आलमगीर आलम के वकील ने कोर्ट से कहा की आलमगीर आलम शारीरिक रूप से बीमार हैं। उम्र होने के कारण उन्हें कई तरह की जटिलताओं का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए जेल में जो भी सुविधाएं हैं, वो सारी सुविधाएं उन्हें मुहैया कराई जाएं। उन्होंने जेल के अंदर मंत्री आलमगीर आलम को मेडिकल सुविधा मुहैया कराने का भी अनुरोध किया। जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया।
जेल भेजे जाने के बाद उनके वकील का कहना था कि अब हमलोग बेल को लेकर आगे की प्रक्रिया में लग गए है। आप को बता दे कि 16 मई को टेंडर कमीशन घोटाले के मामले में ED की टीम ने आलमगीर आलम को गिरफ्तार किया था। संजीव लाल और उनके सहायक जहांगीर के घर से बरामद 35 करोड़ रुपये में मंत्री की संलिप्तता का आरोप उनपर लगाया गया था और उन्हें गिरफ्तार किया गया था। जिसके बाद से वह अभी तक ED उनसे पूछताछ कर रही थी। गुरुवार को रिमांड की अवधि खत्म होने के बाद कोर्ट में पेश किया गया, जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया।







