LOHARDAGA : लोहरदगा में बुधवार की रात उस समय कोहराम मच गया जब चुनाव ड्यूटी से लौटे एक पुलिस के जवान ने अपने ही जमादार (ASI )की गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या करने के बाद जवान कई घंटों तक अपनी इंसास रायफल लेकर घूमता रहा, लेकिन किसी की हिम्मत नहीं हो रही थी की जवान के पास जाए। हत्या की जानकारी के बाद पूरे पुलिस महकमे में खलबली मच है। जिले के तमाम आलाधिकारी मौके पर पहुंच आरोपी जवान को घंटों काफी मशक्कत के बाद गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। फिलहाल पुलिस मृत जमादार के शव को कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज जांच में जुट गई है।

घटना को लेकर मिली जानकारी के अनुसार लोहरदगा जिला बल के जवान आनंद सिंह मुंडा का दिमागी हालत ठीक नहीं थी और ऐसी ही स्थिति में वह इलेक्शन ड्यूटी कर लौटा था। बुधवार की रात करीब 9 बजे के लगभग वह पहले अपने बेटा, बेटी एवं अपनी पत्नी को ही शायद मारने को टारगेट किया था। इसी बीच किराए में रह रहे लोगों ने रूम से उन्हें निकाल भगा दिए थे। इसी बीच पटना पुनपुन निवासी एएसआई धर्मेंद्र कुमार से उसकी हल्की बकझक हुई और बिना कुछ कहे सुने उन्हें गोली मार दी। जिससे मौके पर ही धर्मेंद्र सिंह की मौत हो गई। बताया जाता है की वह बोल रहा है जो भी सामने आएगा उसे गोली मार देंगे। पुलिसकर्मी द्वारा समझाने के बाद भी वह सुनने को तैयार नहीं था।

पुलिस जब उसे किसी प्रकार गिरफ्तार कर ले जा रही थी तो मृत पुलिस के जवान के परिजन भड़क गए और उन्होंने आरोपी पुलिसकर्मी के साथ मारपीट करने की कोशिश की। गुरुवार की सुबह आरोपी पुलिसकर्मी को पुलिस गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।घटना को लेकर लोहरदगा एसपी हारिस बिन जमा ने इसकी पुष्टि की है। एसपी ने बताया कि लोहरदगा शहरी क्षेत्र में एसपी कोठी के पीछे किराए के मकान में रह रहे रांची जिले के सोनाहातु थाना क्षेत्र के बिरडीह गांव के आनंद सिंह मुंडा ने बोकारो निवासी असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर धर्मेंद्र सिंह को गोली मार दी। इससे धर्मेंद्र सिंह की मौत हो गई। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है। पुलिस के अनुसार पुलिस जवान आनंद सिंह मानसिक रूप से बीमार है। वह लोहरदगा में एसपी कोठी के पीछे किराए के मकान में रहता था। कुछ दिन पहले उसकी बेटी, बेटा और पत्नी गर्मी की छुट्टी में वहां आए थे। इस दौरान आनंद सिंह मुंडा चुनाव ड्यूटी के लिए गिरिडीह, दुमका, बोकारो, लोहरदगा चले गए। जहां से वह वापस लौटे।आनंद सिंह ने अपनी सर्विस राइफल भी जमा नहीं की थी।
बुधवार की रात करीब 9:00 बजे उसने अपनी पत्नी और बच्चों को घर में बंद कर दिया। जिसके बाद उसकी पत्नी ने उसी बिल्डिंग में रहने वाले अन्य पुलिसकर्मियों को इसकी सूचना दी और उन्हें बाहर निकालने का अनुरोध किया। जब धर्मेंद्र सिंह और अन्य पुलिसकर्मी उसकी पत्नी को वहां से बाहर निकाल रहे थे, तभी पुलिस जवान आनंद सिंह ने धर्मेंद्र सिंह को गोली मार दी। जिससे धर्मेंद्र सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद पुलिस जवान रात भर बंदूक लेकर अपने कमरे में घूमता रहा। सीआरपीएफ और जिला पुलिस की टीम रात भर उसे बाहर निकालने का प्रयास करती रही। लेकिन वह बाहर आने को तैयार नहीं था। गुरुवार की सुबह उसने सरेंडर कर दिया। जिसके बाद पुलिस ने राहत की सांस ली।







