GUMLA : गुमला पुलिस को उस समय सफलता हाथ लगी जब उन्होंने शंभु गंझू उर्फ रवि गंझू को गिरफ्तार किया। उक्त नक्सली पर दस लाख रुपये का इनाम घोषित था। गिरफ्तार शंभू गंझू चतरा के टंडवा थाना का रहने वाला बताया जाता है। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार नक्सली को जेल भेज दिया है। पुलिस ने उसे घाघरा थाना के दीरगांव स्थित झलकापाठ कारासिली जंगल से गिरफ्तार किया है। उक्त नक्सली के ऊपर गुमला, लातेहर, चतरा, सहित अन्य जिलों में एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज है।

बताया जाता है की उक्त नक्सली की तलाश पुलिस को कई वर्षों से थी। इधर, गुमला जिले में भाकपा माओवादी संगठन के कमजोर होने के बाद रवि गंझू को गुमला जिले में संगठन को मजबूत करने की जिम्मेवारी मिली थी। इसलिए वह कई दिनों से पुलिस की नजर से बचते हुए कई गांवों में घूम रहा था। इसी बीच पुलिस को उसके यहां रहने की सूचना मिली। इसके बाद एसपी के निर्देश पर एक टीम का गठन किया गया। इसके बाद पुलिस टीम घाघरा थाना क्षेत्र के दीरगांव इलाके में घुसी और घेराबंदी कर रवि गंझू को गिरफ्तार कर लिया। जिस समय रवि गंझू को पकड़ा गया वह अकेला था। रवि के पास हथियार नहीं मिला है। उसके पास से एक थैला मिला है, जिसमे साबुन, टूथ ब्रश, कोलगेट पेस्ट, कपड़ा साथ ही भाकपा माओवादी की प्रिंटेड पर्चा मिला है।
गुमला एसपी शंभू कुमार सिंह ने बताया कि गुमला के बिशुनपुर, घाघरा व चैनपुर इलाके में भाकपा माओवादी के कमजोर होने के बाद सैक सदस्य छोटू खेरवार के कहने पर रवि गंझू घाघरा इलाके में लेवी का पैसा वसूलने व संगठन विस्तार करने के इरादे से घुसा था। तभी गुप्त सूचना मिली. तुरंत पुलिस टीम का गठन किया गया और रवि गंझू को गिरफ्तार किया गया। एसपी ने बताया कि जब पुलिस दीरगांव के झलकापाट इलाके में घुसी तो एक व्यक्ति का संदिग्ध अवस्था में घूमते हुआ देखा। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पीठ पर टांगे बैग की जांच की तो उसमें से भाकपा माओवादी का पर्चा मिला। पूछताछ में पता चला कि वह भाकपा माओवादी का सबजोनल कमांडर है और उसके ऊपर सरकार ने 10 लाख रुपये का इनाम रखा है। रवि गंझू से पूछताछ में उसने कई महत्वपूर्ण जानकारी दी है। जिसके आधार पर पुलिस कार्रवाई करेगी।







