DHANBAD : आज सोमवार को मुस्लिम समुदाय का एक बड़ा पर्व माना जाने वाला ईद उल-अजहा यानी बकरीद मनाया जा रहा है। जिसे लेकर सुबह करीब 7:10 बजे मस्जिदों और ईदगाहो में नवाज अदा की गई। अब शाम में बकरे की कुर्बानी दी जाएगी। अपने हैसियत के अनुसार लोग बकरे की कुर्बानी देते है।

झरिया के शालीमार ईदगाह में सैकड़ो लोगो ने बकरीद की नमाज अदा की इस दौरान मौलाना हाफिज मोहम्मद हसनेंन नजा ने कहा की पैगंबर हजरत इब्राहीम के कुर्बानी की याद में बकरीद मनाई जाती है, सुबह में नवाज अदा की गई जिसमे अमन चैन, और खुशहाली की दुआ मांगी गई। वही कांग्रेस नेता समशेर आलम ने कहा की देश दुनिया में अमन चैन, खुशहाली की दुआ मांगी गई। देश में सभी मिलजुल कर रहे यही ख्वाहिश भी है।

मान्यता है की पैगंबर हजरत इब्राहीम को सपना आया था की तुम अपने सबसे प्यारे चीज की कुर्बानी दो तो उन्होंने अपने पुत्र की कुर्बानी देने लगे तभी उस जगह पर बकरा आ गया। तभी से बकरे की कुर्बानी की प्रथा सुरु हुई। साथ ही मक्का की हज यात्रा की समाप्ति से भी देखा जाता है। प्रमपारा है की बकरे की कुर्बानी के बाद मांस को तीन भागों में बांटा जाता है, एक परिवार के लिए, एक रिश्तेदारों और दोस्तों के लिए, और एक जरूरतमंदों के लिए।

वही बकरीद को लेकर जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किया गए है। कोई अप्रिय घटना ना हो इसे लेकर जिला मुख्यालय और सभी थानों में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई थी। सुरक्षा की लेकर जिले को 6 जोन में बांटा गया है जगह जगह पर मेजिस्टेड के साथ पुलिस अधिकारी और पुलिस फोर्स की तैनाती की गई है। बकरीद की पूर्व संध्या पर सभी थाना क्षेत्रों में फ्लेग मार्च भी निकाला गया था।







