DHANBAD (धनबाद): बढ़ते सडक हादसों को रोकने के लिए न्यू टाउन हॉल में सडक सुरक्षा एवं यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए सड़क सुरक्षा प्रबंधन पर एनजीओ “मैं हूं धनबाद” समूह ने जिला पुलिस और प्रशासन के सहयोग से सेमिनार आयोजित किया। जिसमें कई विशेषज्ञों ने सडक सुरक्षा को लेकर अपनी अपनी बातें रखते हुए लोगों को जागरूक किया। राष्ट्रीय सडक सुरक्षा मिशन के विशेषयज्ञ स्वतंत्र कुमार ने सड़क सुरक्षा से संबंधित पीपीटी के माध्यम से हर एक बिंदुओं को बारीकी से बताया।
स्वतंत्र कुमार ने कहा कि जो भी व्यक्ति सड़क सुरक्षा से संबंधित नियम को तोड़ता है उस पर भारी जुर्माना होना चाहिए। कार चलाते वक़्त सीट बेल्ट नही लगाने, हेलमेट का प्रयोग न करने और नकली हेलमेट बेचने वालों पर भी कार्रवाई करने की बात कही गई। सरकार की कई योजनाओं का हवाला देते हुए आम जनता को जागरूक होने की अपील की गई।
सेमिनार के माध्यम से लोगों से अपील की गई कि वाहन चलाते वक़्त गाड़ी की गति को धीमी रखे, वाहन चलाते समय मोबाइल का इस्तेमाल न करें। यातायात नियमों एवं सडक पर प्रदर्शित किए गए यातायात निर्देशों का पालन करें। कार सवार सभी लोग सीट बेल्ट अवश्य लगाएं, दो पहिया वाहन चालक के साथ पीछे बैठे व्यक्ति को भी हेलमेट लगाना अनिवार्य है। सभी गाड़ियों में आगे और पीछे की तरफ लाल पीला और सफ़ेद रिफलेक्टर स्टिकर को लगाना बेहद जरूरी है, यह स्टिकर रात के अंधेरे अथवा धुंध या कुहासे में सडक हादसों को कम करने में सहायक है।
डीटीओ दिवाकर सी द्विवेदी ने कहा कि जागरूकता एवं सुरक्षा से सड़क हादसों से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि जागरूकता के अभाव और अज्ञानता के कारण लगातार सड़क हादसे हो रहे हैं और लोगों की जान जा रही है। उन्होंने इस आयोजन के लिए संस्था की सराहना की
सेमिनार के माध्यम से ट्रैफिक डीएसपी अरविन्द सिंह ने आम जनता से अपील की कि हम सबको मिलकर ट्रैफिक नियमों का पालन करना पड़ेगा, तभी धनबाद में बदलाव आ सकता हैं, जागरूकत और सजगता के तहत ही सडक हादसों को कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में सड़क और परिवहन प्रत्येक माननीय जीवन का एक अभिन्न अंग बन गया है। हर व्यक्ति किसी न किसी रूप में एक सड़क उपयोगकर्ता है। वर्तमान परिवहन प्रणाली ने दूरियों को कम कर दिया है लेकिन इसने दूसरी ओर जीवन के जोखिम को बढ़ा दिया है। ज्यादातर मामलों में दुर्घटनाएं या तो लापरवाही के कारण होती हैं या सड़क उपयोगकर्ता की सड़क सुरक्षा जागरूकता की कमी के कारण होती हैं। इसलिए, सड़क सुरक्षा शिक्षा जीवित रहने के किसी भी अन्य बुनियादी कौशल की तरह ही आवश्यक है।
सेमिनार में राष्ट्रीय सडक सुरक्षा मिशन के विशेषयज्ञ स्वतंत्र कुमार, ट्रैफिक डीएसपी अरविन्द सिंह, डीएसपी मुख्यालय शंकर कामती, जिला परिवहन पदाधिकारी दिवाकर सी द्विवेदी, एनजीओ के पूजा एवं सडक सुरक्षा समिति से सभी सदस्य, ट्रैफिक पुलिस के सभी पदाधिकारी व जवान के साथ आम नागरिक भी उपस्थित थे।







