DHANBAD (धनबाद): झारखंड वित्त, योजना एवं विकास, वाणिज्य कर तथा संसदीय कार्य विभाग मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने शुक्रवार को धनबाद पहुंचे जहां उपायुक्त और वरीय पुलिस अधीक्षक ने उनका स्वागत किया। जिसमें बाद अधिकारियों से खनन, परिवहन, वाणिज्य कर, भू-राजस्व, नगर निगम सहित अन्य विभागों की वित्तीय वर्ष 2024 – 25 अंतर्गत राजस्व संग्रहण की अद्यतन स्थिति तथा उनके द्वारा राजस्व वृद्धि के लिए की गई कार्रवाई की समीक्षा किए ।
समीक्षा करने के बाद मंत्री ने पत्रकार वार्ता का आयोजन किया। उन्होंने मीडिया से कहा कि राज्य सरकार के पास पैसे की कमी नहीं है इसलिए मईया सम्मान योजना बंद नहीं होगी। दूसरे फंड पर भी असर नहीं पड़ेगा। वही कहा कि केंद्र के पास राज्य का बकाया 1लाख 36 हजार करोड़ मिल जाएगा तो झारखंड की विकास गति तेज हो जाएगी।
कहा कि राजस्व लक्ष्य को प्राप्त करना राज्य सरकार का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि खनन एवं परिवहन विभाग को समन्वय स्थापित कर माइनिंग एरिया के अंदर चल रहे वाहनों के कागजातों की जांच करने तथा पर्याप्त कागजात नहीं होने पर उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। कहा कि धनबाद जिले को विभिन्न स्रोत से राजस्व प्राप्त होता है। जिसमें कमर्शियल टैक्स में कतरास अंचल में सबसे कम राजस्व प्राप्त हुआ है। कतरास अंचल 58.91% लक्ष्य से पीछे है। पूछने पर कतरास अंचल के डीसी कमर्शियल टैक्सेस इसका संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाए। इसलिए उनको शोकोज किया है। संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने पर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
बताया कि इस वित्तीय वर्ष में बीसीसीएल से अब-तक 32 करोड़, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड से 197 करोड़ के लक्ष्य के विरुद्ध 208 करोड़, दामोदर वैली कारपोरेशन से 521 में 488 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है। जीएसटी को लेकर मंत्री ने कहा कि अब डिफाल्टर का बैंक अकाउंट अटैच किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जीएसटी नंबर लेने में जो बैंक अकाउंट दिया जाएगा उसमें टर्नओवर के अनुरूप निश्चित राशि अकाउंट में रखना अनिवार्य होगा।
उन्होंने पदाधिकारियों से कहा कि विधायिका और कार्यपालिका मिलकर काम करेगी तो राजस्व संग्रहण में वृद्धि होगी। उन्होंने वित्तीय अनुशासन को मजबूत बनाने के लिए सभी विभाग को 31 मार्च 2025 तक राजस्व संग्रहण लक्ष्य को पूरा करने का निर्देश दिया।
बैठक में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, राज्य कर सहायक आयुक्त नरेंद्र कुमार, राज्य कर अपर आयुक्त विनय कुमार सिन्हा, राज्य कर पदाधिकारी अनिरबान आईच, नगर आयुक्त रवि राज शर्मा, अपर समाहर्ता विनोद कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी दिवाकर सी द्विवेदी, जिला खनन पदाधिकारी रितेश राज तिग्गा, ध्रुव नारायण राय, गालिब अंसारी के अलावा अन्य विभागों के पदाधिकारी मौजूद थे।







